दो दिन पहले भारत ने 65वां गणतंत्र दिवस मनाया। गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लेने के लिए बतौर मुख्य अतिथि जापानी प्रधानमंत्री शिंजो एबे को आमंत्रित किया गया था। समारोह से एक दिन पहले शिंजो और भारतीय प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह ने आठ समझौतों पर दस्तखत किए। इनमें से आधे समझौते भारत को जापान द्वारा आर्थिक मदद के एवज में किए गए हैं।
खबरों के मुताबिक जापान द्वारा भारत को बाजार रेट से कम ब्याज दर पर लोन और अनुदान मुहैया कराया जाएगा। इसकी 70 फीसदी राशि दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट के फेस थ्री में खर्च की जाएगी। दोनों देशों ने भविष्य में संयुक्त नौसेना अभ्यास का भी फैसला लिया। भारत ने जापान को भारत-अमेरिका मालाबार ज्वाइंट मिलिट्री ऑपरेशन में शामिल होने का न्यौता भी दिया।
जापान में तैयार हाईटेक यूएस-2 एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए भी दोनों देशों के बीच बातचीत हुई। दूसरे विश्व युद्ध के बाद जापान पहली बार किसी देश को मिलिट्री प्लेन बेचेगा। राजनैतिक एंव सुरक्षा संबंधी कई मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच बातचीत हुई।
वहीं दूसरी ओर भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय संबंधों में आई गर्माहट से चीन चिंतित है। भारत ने जापान को उत्तर-पूर्व के उन इलाकों में आधारभूत ढांचा बनाने का न्यौता दिया है, जहां चीन पहले से नजरें गड़ाए है।
अंदर पढ़ें: भारत-जापान के इन कदमों से बढ़ेगी चीन की चिंता।
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