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  • ऑस्ट्रेलिया में आतंकी हमला, 40 लोगों को बंधक बनाकर कैफे में कैद किया

आतंकियों के झंड़ो में छिपा होता है जिहाद का पैगाम, जानने के लिए पढ़ें

7 वर्ष पहले
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सिडनी. ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में मार्टिन प्‍लेस स्थित लिंड्ट चॉकलेट कैफे में सुसाइड बेल्‍ट पहने एक आतंकी ने 40 लोगों को बंधक बना लिया गया है। बंधकों में से कोई भारतीय नहीं है। बताया जा रहा है कि तीन बंधक को छोड़ दिया गया है। कैफे की खिड़कियों से काले झंडे दिखाए गए, जिसके आधार पर इसे आतंकी हमला माना जा रहा है। झंडे पर 'शहादा मोहम्‍मद' लिखा है। जानकार मानते हैं कि इसका मतलब है इस्‍लाम में विश्‍वास रखने वाला। बता दें कि दुनिया के लगभग सभी आतंकी संगठनों के अपने-अपने झंडे और चिह्न हैं। इन झंडों के माध्यम से जिहादी संगठनों की सोच और आतंक के दायरे का अंदाजा लगता है।
(इस मौके पर dainikbhaskar.com दुनिया के कुछ सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे झंडों और उनमें लिखे संदेशों से अपने पाठकों को रूबरू करवा रहा है।)

झंडों पर बने चिह्न और संदेश के मायने

संगठन का नाम - इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड अल शाम
ऑपरेशनल एरिया - इराक, सीरिया।
लीडर - अबु बकर अल बगदाद

झंडे पर संदेश - अलकायदा से अलग हुए आईएसआईएस के झंडे पर अरबी भाषा में संदेश लिखा गया है। इस संगठन का उद्देश्य है 'बचे रहना और प्रसार करना'। काले रंग के झंडे पर सबसे ऊपर लिखा है, 'There is no god but God'। झंडे के बीच में सफेद गोले में 'मोहम्मद रसूल अल्लाह' लिखा है, जो पैगंबर साहब द्वारा चिट्ठियों पर इस्तेमाल की जाने वाली मोहर थी। निचले हिस्से पर लिखा है, 'द इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड अल-शाम।'

आगे पढ़ें, अन्य आतंकी संगठनों के झंडों और चिह्नों के मायने...