फोटो: एडिनबर्ग में 'नो' कैम्पेन की समर्थक जनतमसंग्रह के नतीजे आने के बाद खुशी जताती हुईं।
ग्लासगो। स्कॉटलैंड ने ब्रिटेन के साथ रहने का फैसला किया है। आजादी के लिए कराए गए जनमतसंग्रह में 55 फीसदी लोगों ने स्कॉटलैंड के लिए 'नो' वोट दिया। वहीं, 45 फीसदी लोगों ने आजादी का समर्थन किया। कुल 32 निकायों की वोटिंग के नतीजे आ चुके हैं। 28 निकायों ने ब्रिटेन के पक्ष में वोट किया है। डूंडी, ग्लासगो, उत्तरी लैंकशर और पश्चिमी डनबर्टनशर निकाय ने हां में वोट दिया। बाकी 28 निकायों ने आजादी के खिलाफ समर्थन किया।
आजादी के खिलाफ 2,001,926 वोट किए गए, जबकि आजादी चाहने के पक्ष में 1,617,989 वोट मिले। जीतने के लिए 1,852,828 वोटों की जरूरत थी। 307 सालों से ग्रेट ब्रिटेन का हिस्सा रहे स्कॉटलैंड के करीब 42 लाख लोगों ने जनमत संग्रह के आधार पर ही अंतिम फैसला किया। 307 सालों के इतिहास में पहला ऐसा मौका है, जब स्कॉटलैंड ने ब्रिटेन से अलग होने के लिए जनमतसंग्रह किया। वोटरों में 16 साल के युवाओं को भी शामिल किया गया था।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा कि वे बेहद खुश है कि यूनाइटेड किंगडम अब नहीं टूटेगा। यह हमारी राष्ट्रीय एकता है। आजादी के लिए 'यस' कैम्पेन चलाने वाले स्कॉटिश नेशनल पार्टी के नेता एलेक्स सैलमंड ने जनता के आदेश को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि 16 लाख स्कॉटिश लोग आजादी के पक्ष में थे। यह एक मौका था, देश को आजाद करने का। लेकिन हमें नतीजे स्वीकार हैं।
बीते दो साल से आजादी के लिए अभियान चलाया जा रहा था। अभियान का असल मुद्दा स्कॉटलैंड को ब्रिटेन द्वारा ज्यादा अधिकार न देना था। हालांकि जनमतसंग्रह से पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री कैमरन ने संसद और स्कॉटिश लोगों को ज्यादा अधिकार देने का वादा किया था। फैसला आने के बाद स्कॉटिश नेता सैलमंड ने कहा है कि स्कॉटलैंड अपना फैसला दे चुका है। अब जरूरी है कि ब्रिटेन के नेता स्कॉटिश संसद को उसके अधिकार दें।
सबसे पहला नतीजा क्लाकमैनशर का आया
जनमत संग्रह का सबसे पहला नतीजा क्लाकमैनशर का आया। यहां 19,036 लोगों ने अलग देश बनाने के खिलाफ मत दिया जबकि 16,350 लोगों ने स्कॉटलैंड को स्वतंत्र देश बनाए जाने का समर्थन किया है। क्लॉकमैनशर में 89 प्रतिशत मतदान हुआ था। दूसरा नतीजा ऑर्कनी निकाय का आया जहां स्कॉटलैंड की स्वतंत्रता के पक्ष में 4,883 तो विपक्ष में 10,004 लोगों ने मत दिया। ऑर्कनी में 83.7 प्रतिशत मतदान हुआ था।
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