नई दिल्ली. इस वीकेंड पर जिन
दो बड़े सोलर तूफान के धरती से टकराने की बात कही जा रही थी, उनमें से दूसरा तूफान भी धरती से टकरा गया है। इस वजह से ध्रुवीय इलाकों में आसमान पर रंग-बिरंगे नजारे देखे गए। लेकिन इससे संचार व बिजली की आपूर्ति बाधित होने का खतरा भी है।
यूएस नेशनल ओसनिक एंड एटमोस्फेरिक एडमिशन (एनओएए) के द स्पेस प्रेडिक्शन सेंटर के मुताबिक यह तूफान अब अपने सबसे अहम चरण में प्रवेश कर गया है। यह अनुमानित जी 3 लेवल तक पहुंच चुका है। यह लेवल काफी मजबूत माना जाता है। सेंटर के मुताबिक यह स्थिति कई घंटों तक बनी रहेगी।
वैज्ञानिकों का कहना है कि तूफान के चलते बिजली घर, सैटेलाइट्स व रेडियो ट्रांसमिशन प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, इसका असर भारत में नहीं होगा। इसका असर कनाडा, उत्तरी अमेरिका और अमेरिका के सुदूर उत्तरी क्षेत्रों तक ही सीमित रहेगा।