फोटो: लाल सागर में तैनात अमेरिकी युद्धपोत यूएसस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश से दागे गए टॉम हॉक मिसाइल
इंटरनेशनल डेस्क। इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) द्वारा दो अमेरिकी पत्रकारों की नृशंस हत्या के बाद अमेरिका ने उस पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं। सुन्नी आतंकियों के गढ़ पर अमेरिका 190 से ज्यादा हवाई हमले कर चुका है। इस अभियान में अरब देश भी उसका साथ दे रहे हैं। बता दें कि अमेरिका ने अपने तरकश से हर मुमकिन हथियारों को बाहर निकाला। रिपोर्ट के मुताबिक, रक्का शहर से करीबन 1,000 मील दूर लाल सागर से अमेरिका 'टॉम हॉक' का इस्तेमाल कर रहा है। वहीं, अमेरिका ने पहली मर्तबा F-22 रैप्टर का इस्तेमाल किया है।
क्या है टॉम हॉक?
टॉम हॉक अमेरिका निर्मित एक क्रूज मिसाइल है, जो 1983 से इस्तेमाल हो रही है। यह मिसाइल भारत के 'ब्रह्मोस' की तरह कम ऊंचाई पर उड़ान भर सकती है। राडार पर टॉम हॉक को पकड़ पाना बेहद मुश्किल है। इससे थोड़ी गर्मी निकलती है। लिहाजा, इंफ्रारेड खोज के जरिए इसका अंदाजा लगा पाना कठिन है। इसे युद्धपोत या पनडुब्बी से भी लॉन्च किया जा सकता है। ये मिसाइल छोटे टर्बोफैन इंजन से लैस होती है, जो मूविंग टारगेट पर निशाना साधने में भी सक्षम है।
550 मील प्रति घंटा है रफ्तार
टॉम हॉक क्रूज मिसाइल 1,000 मील यानी 1,500 किमी की दूरी तक हमला करने में सक्षम है। ये तकरीबन 550 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उड़न भर सकती है। इसके अलावा ये मिसाइल अपने साथ 450-1,360 किलोग्राम वजन के रॉकेट ले जाने में सक्षम है। अमेरिका अब तक 47 टॉम हॉक क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल कर चुका है।
क्या है F-22 रैप्टर?
F-22 रैप्टर अमेरिकी वायु सेना का नए लड़ाकू विमान है। ये विमान अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है। विमान का रैप्टर तीन आंतरिक हथियारों का खंड है। मध्य खंड में छह मध्यम दूरी की मिसाइलों को ले जाया जा सकता है। वहीं, साइड के खंडों में एक-एक मध्यम दूरी की मिसाइल कैरी किए जा सकते हैं। ये मिसाइलें 24 मील यानी 39 किमी दूरी से मूविंग टारगेट को आसानी से निशाना बनाने में सक्षम होती हैं।
आगे देखें, संबंधित तस्वीरें और वीडियो...