(जूनियर जिहादी अमेरिकी पत्रकार जेम्स फोले की हत्या की घटना की नकल करते हुए।)
लंदन। 10 साल के कम उम्र के बच्चों को ट्रेनिंग देकर जिहादी के तौर पर तैयार किया जा रहा है। जिहादी बनने वाले किशोरों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ये बात लंदन के डिप्टी मेयर ने देश की राजधानी के लिए खतरे की चेतावनी जारी करते हुए कही। ग्रीनहाग ने लंदन के सिटी हॉल में काउंटर टेरेरिज्म समिट के दौरान डिप्टी मेयर स्फीटन ग्रीनहाग ने लंदन के मेयर के साथ प्राइमरी स्कूल के बच्चों के ऐसे कई उदाहरण दिए। उन्होंने बताया कि इन बच्चों में बहुत छोटी- सी उम्र में ही अपने परिवारिक माहौल के चलते उग्रवादी विचारधारा का प्रभाव है।
हालांकि, स्फीनहाग ने ये भी कहा कि
इराक और सीरिया से ब्रिटिश आतंकियों की देश लौटने की हालिया रिपोर्ट से परेशान होने की जरूरत नहीं है। साथ ही, ये खतरा भी जताया कि ये लोग यहां के बच्चों के दिमाग में इस तरह की विचारधारा भरने की कोशिश कर सकते हैं, जो चिंताजनक है। युवा अतिवादी असल में एक बड़ा खतरा हैं और ये परेशानी हमारे साथ कुछ सालों तक ही नहीं रहने वाली, बल्कि ये अगली पीढ़ी तक रहने वाली है।
लंदन पुलिस ऐसे युवाओं की संख्या बढ़ने से डरी हुई है, जो ISIS में शामिल होने के लिए अपना घर तक छोड़ दे रहे हैं। ऐसे ही दो किशोरों को सीरिया जाने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था। इसके साथ ही कई रिपोर्ट्स में ब्रिटिश महिला जिहादियों की बात भी सामने आई है, जिसमें ज्यादातर 18 साल से छोटी हैं। ब्रिटेन के साथ ही दुनिया के अलग-अलग देशों में बच्चों और किशोरों के ISIS में शामिल होने की बात सामने आई है।
आगे जानिए: ISIS से जुड़े कुछ जूनियर जिहादियों और महिला जिहादियों के बारे में...