फाइल फोटो: मा जिशेंग।
बीजिंग. चीन के विदेश मंत्रालय ने आइसलैंड में तैनात रहे अपने राजदूत को जापान के लिए जासूसी करने के आरोप में हिरासत में रखा है। मा जिशेंग नाम के इस राजनयिक के बारे में चीन का विदेश मंत्रालय कोई जानकारी नहीं दे रहा है। इस बारे में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग लेई ने कहा, 'मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।' मा जिशेंग की मौजूदा लोकेशन और आइसलैंड में चीनी राजदूत के बारे में पूछे जाने पर भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं, आइसलैंड विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता उर्दुर गुन्नर्रस्दोतर ने बताया कि जिशेंग मार्च से गायब हैं। उन्होंने बताया कि रेक्जाविक स्थित चीनी दूतावास ने आइसलैंड सरकार को मई में जिशेंग के वापस न लौटने की जानकारी दी। दूतावास ने बताया कि जिशेंग निजी कारणों से पद छोड़ रहे हैं। आइसलैंड स्थित चीनी दूतावास की वेबसाइट से जिशेंग का रिज्यूमे भी डिलीट कर दिया गया है। हालांकि, उनसे संबंधित पुराने लेख, अभी भी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इस साल जनवरी में मा जिशेंग आइसलैंड के रेक्जाविक से चीन के लिए रवाना हुए थे। उन्हें मार्च में वापस लौटना था, लेकिन वे वापस नहीं आए।
मीडिया में लंबे समय से आ रही है जासूसी की खबर
न्यूयॉर्क से चलने वाली एक चीनी भाषा की वेबसाइट ने जिशेंग और उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी। वेबसाइट ने दावा किया कि जिशेंग को जासूसी के संदेह में हिरासत में लिया गया है। पिछले काफी समय से मा जिशेंग की रेक्जाविक में गैरमौजूदगी की खबर को आइसलैंड के एक अखबार ने छापी थी। वे दिसंबर 2012 से आइसलैंड में तैनात थे। मिंगजिंग न्यूज की खबर में जिशेंग पर जासूसी के आरोपों की बात सामने आई। बाद में हांगकांग के मिंग पाओ न्यूजपेपर ने भी इस खबर को प्रकाशित किया। चीन स्थित कुछ मुख्य न्यूज वेबसाइट्स ने भी इस रिपोर्ट के प्रकाशित किया। हालांकि, बाद में इसे वेबसाइट्स से हटा लिया गया।
लंबे समय तक जापान में रहे तैनात
मा जिशेंग, टोक्यो स्थित चीनी दूतावास में भी रह चुके हैं। उनकी आखिरी पोस्टिंग 2008 में थी। जिशेंग वर्ष 1991 से 1995 तक जापान स्थित चीनी दूतावास में सेक्रेटरी थे। वे 2004 से 2008 तक मिनिस्टर काउंसलर भी रह चुके हैं। आइसलैंड में राजदूत बनने से पहले वे विदेश मंत्रालय में डिप्टी डायरेक्टर ऑफ इन्फॉर्मेशन भी रह चुके हैं।
जापान ने कहा, चीन का अंदरूनी मामला
जापान सरकार ने एक समाचार एजेंसी को प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'हमें इन मीडिया रिपोर्ट्स की जानकारी है। लेकिन, यह चीन का घरेलू मामला है और जापान इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेगी।' गौरतलब है कि पूर्वी चीन सागर में स्थित द्वीप समूह को लेकर, चीन और जापान में लंबे समय से विवाद चल रहा है।