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ऑस्ट्रेलिया जाने वालों में भारतीय सबसे आगे, ब्रिटेन दूसरे नंबर पर

7 वर्ष पहले
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मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया में रोजगार के बढ़ते अवसरों के मद्देनजर वहां जाकर बसने की इच्छा रखने वाले भारतीयों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) के अध्ययन के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया में '457 वीजा' के आवेदनकर्ताओं में पहले ब्रिटिश मूल के लोग शीर्ष पर थे, लेकिन अब इस मामले में भारतीय पहले स्थान पर गए हैं।
स्थानीय समाचार-पत्र मेलबर्न एज ने यह खबर दी है। इसके अनुसार, कुशल कारीगरों को जारी वीजा में से 23.3 फीसदी भारतीयों को मिले। इसके बाद ब्रिटेन के 18.3 और चीन के 6.5 फीसदी लोग थे। 2012-13 के दौरान ऑस्ट्रेलिया में प्रवास के लिए 40100 लोगों ने आवेदन किया, जबकि चीन से 27300 और ब्रिटेन से 21700 आवेदन मिले थे। इसकी वजह यह है कि ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट के आधार पर वे दुनिया के ज्यादा देशों में आवाजाही कर सकते हैं।
नागरिकता पाने वाले बढ़े
आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता पाने वालों की संख्या में 46.6 फीसदी का इजाफा हुआ है। वर्ष 2012-13 के दौरान 123400 लोग ऑस्ट्रेलिया के नागरिक बने।
क्या है 475 वीजा
ऑस्ट्रेलिया सरकार के आव्रजन और सीमा सुरक्षा विभाग की वेबसाइट के अनुसार, 457 वीजा या काम करने का अस्थायी वीजा (सबक्लास 457) के तहत कुशल कर्मचारी को ऑस्ट्रेलिया आने की अनुमति दी जाती है। कुछ चुनिंदा कामों के लिए और अनुमोदित स्पांसर के लिए यह वीजा चार साल के लिए दिया जाता है।