न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के
कश्मीर को लेकर दो टूक रवैए के बाद पाकिस्तान ने गलती मान ली है। उसके मुताबिक दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच बातचीत से पहले पाकिस्तानी उच्चायुक्त की कश्मीर के हुर्रियत नेताओं से मुलाकात पूरी तरह सही नहीं थी।
मोदी ने पाकिस्तान के रुख का जवाब देते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा में शनिवार को कहा था कि यूएन में उठाने से कश्मीर मसला हल नहीं होगा। उन्होंने दोनों देशों में बातचीत के लिए आतंकवाद से मुक्ति पर जोर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने सफाई दी।
कहा, 'वैसे तो पाकिस्तानी राजनयिकों और हुर्रियत नेताओं के बीच पिछले 30 साल से मुलाकात होती रही है। इसमें कुछ नया नहीं था। लेकिन इस मामले में शायद यह पूरी तरह सही नहीं था। क्योंकि कश्मीर पर अहम चर्चा अभी शुरू होनी थी।' भारत ने हुर्रियत नेताओं से पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित की मुलाकात के बाद इस्लामाबाद में होने वाली विदेश सचिव स्तरीय बातचीत रद्द कर दी थी।
पहले आग्रह करता तो मुलाकात टल सकती थी
अजीज ने कहा, 'भारत ने हुर्रियत नेताओं से मिलने का आग्रह कुछ पहले किया होता तो हो सकता है कि उस पर विचार हो सकता था। लेकिन यह संदेश ऐसे समय में आया जब एक हुर्रियत नेता उच्चायुक्त दफ्तर के भीतर था।' अजीज ने मोदी के संयुक्त राष्ट्र महासभा के भाषण में दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करने को उत्साहवर्धक बताया।