वॉशिंगटन। अमेरिका, 2017तक अपनी अंतरिक्ष यात्राओं के लिए रूस पर निर्भर नहीं रहेगा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) ले जाने का जिम्मा बोइंग और स्पेस एक्स को दिया है। नासा ने इन दोनों कंपनियों के साथ अगली पीढ़ी के अंतरिक्ष यान बनाने के लिए 6.8 अरब डॉलर का अनुबंध किया है।
नासा के एडमिनिस्ट्रेटर चाल्स बोल्डेन ने कहा, "आज हमने एक कदम और बढ़ा लिया है। 2017 तक हम अपनी धरती से अमेरिकी अंतरिक्ष यान में अंतरिक्ष यात्रियों को लांच करने में सक्षम होंगे और रूस पर हमारी निर्भरता खत्म हो जाएगी।" बोल्डेन ने कहा कि ओबामा प्रशासन कहता रहा है कि अमेरिका को अंतरिक्ष में जाने के लिए किसी अन्य राष्ट्र पर निर्भर नहीं होना चाहिए। बोइंग इस काम के लिए अपने सीएसटी-100 यान और स्पेस एक्स क्रू ड्रैगन अंतरिक्ष यान का प्रयोग करेगा।
अनुबंध किया है
बोइंगको 4.2 अरब डॉलर और स्पेस एक्स को 2.6 अरब डॉलर का अनुबंध मिला है। अनुबंध के तहत दोनों कंपनियों को एक परीक्षण उड़ान संचालित करनी होगी। इसके सफल रहने के बाद दोनों कंपनियों को आईएसएस के लिए कम से कम दो और अधिकतम छह उड़ान का संचालन करना होगा। अनुबंध के तहत कंपनियां नासा के अतिरिक्त अन्य को भी अपनी सेवा दे सकेंगी।