फोटो: होटल डेल साल्टो (Del Salto), कोलंबिया, स्पेन
इंटरनेशनल डेस्क। उपभोक्तावादी संस्कृति के वाहक इंसान ने निजी स्वार्थ के लिए प्रकृति का भरपूर दोहन किया। और यह सिलसिला बदस्तूर जारी है। नैसर्गिक सौंदर्य और पारिस्थितिकी संतुलन में अहम भूमिका निभाने वाली पहाड़ियों की जगह अब कांक्रीट के जंगलों ने ले ली है।
इंसानों ने सिर्फ अपनी सुनी, कभी प्रकृति से सीखने की कोशिश नहीं की। हालांकि, इसका दुष्परिणाम भी इंसान समय-समय पर भुगतता रहा है। प्रकृति अब खुद सभ्यता के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। उसे जब और जहां लगा, लौटने की कोशिश कर रही है।
अंग्रेजी वेबसाइट बोर्ड पांडा ने फोटोग्राफरों द्वारा ली गई ऐसी 20 तस्वीरों की सीरीज बनाई है, जिसमें प्रकृति सभ्यता पर जीत दर्ज करती हुई प्रतीत होती है। इन तस्वीरों के देख लगता है मानो, प्रकृति कुछ कहना चाह रही है।
आगे तस्वीरों में देखें, सभ्यता पर जीत दर्ज करती हुई प्रकृति...