फोटो: पीएनएस जुल्फिकार मर्चेंट वेसल के 22 क्रू मेंबर्स सहित सोमाली समुद्री डाकुओं द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को कराची ले जाता हुआ। तस्वीर 23 जून, 2011 की है।
इस्लामाबाद. अल कायदा ने एक पाकिस्तानी नौसेना के एक जहाज को अगवा कर लिया है और उस जहाज से अरब सागर में मौजूद अमेरिकी जहाजों पर रॉकेट दाग रहा है। यह हमला हाल ही में बनी अल कायदा की दक्षिण एशियाई विंग की तरफ से किया जा रहा है।
जिहादी गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्था SITE ने अल कायदा के प्रवक्ता उसामा महमूद के हवाले से जानकारी दी है, "आतंकवादियों का एक समूह पाकिस्तानी जंगी जहाज पीएनएस जुल्फिकार को कब्जाने में सफल रहा। उग्रवादी इसकी मदद से पास के अमेरिकी जहाजों पर हमला कर रहे हैं।" महमूद ने कहा, "इन मुजाहिदीनों ने पाकिस्तानी युद्धपोत को कब्जे में ले लिया है और वे अमेरिकी बेड़े की ओर बढ़ रहे थे, जब पाक सेना ने उन्हें रोक।" SITE ने कहा कि महमूद ने बयान के साथ पीएन जुल्फिकार का विस्तृत लेआउट और तस्वीर भी भेजी है। हालांकि, नौसेना और सेना की प्रेस विंग की ओर से इस मामले में अभी तक कोई बयान नहीं आया है।
पाकिस्तान के अरब सागर स्थित नौसेना यार्ड, आतंकवाद विरोधी और अमेरिका-पाकिस्तान सुरक्षा के केंद्र में रणनीतिक तौर पर बेहद अहम सुविधा है। ताजा हमला इस बात की ओर इशारा करता है कि इस्लामिक लड़ाके पाकिस्तान के विशाल सुरक्षा तंत्र को भेदने में सक्षम हैं। ऐसे में, परमाणु हथियारों से लैस इस देश की सुरक्षा तंत्र पर सवाल उठने लगे हैं।
इससे पहले अल कायदा के सहयोगी पाकिस्तानी तालिबान ने 6 सितंबर को कहा था कि हमला भेदिए की मदद से किया गया था। जिसके बाद पाकिस्तान ने कई नेवी कर्मचारियों को शक के आधार पर हिरासत में लिया गया था।
गौरतलब है कि अल कायदा ने इस नए विंग का एलान 4 सितंबर को किया था। जवाहिरी ने नई विंग के जरिए दक्षिण एशिया में जिहाद का झंडा बुलंद करने की बात कही थी। विश्लेषकों ने कहा है कि अल कायदा अफगानिस्तान से अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं की वापसी का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है।
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