(File Photo- एन132डी सुपरनोवा अवशेष)
न्यूयॉर्क। खगोल वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में एक नए तरह के अणु की खोज की है। जिससे पता चलता है कि जीवन के लिए जरूरी जटिल अणुओं का मूल सुदूर अंतरिक्ष में तारों के बीच है। चिली स्थित एएलएमए ऑब्जर्वेटरी के जरिए कार्बन अणु की खोज की जा सकी है।
शोधकर्ताओं ने 'इसोप्रोपेल साइनाइड' नाम के अणु द्वारा उत्सर्जित रेडियो तरंगों का पता लगाया है।
कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के रेडियोफिजिक्स एंड स्पेस रिसर्च सेंटर के रोब गारोड ने कहा, 'इस खोज ने अणुओं की जटिलताओं के नए पहलू को खोला है जो तारों के बीच सुदूर अंतरिक्ष में संगठित होते और ग्रहों की सतह पर अपनी राह खोज लेते हैं।' इसोप्रोपेल साइनाइड की संरचना शाखागत है। यह शोध 'जर्नल साइंस' में प्रकाशित हुआ है।
जीवन के लिए जरूरी
इसोप्रोपेल साइनाइड में अमीनो एसिड की तरफ कार्बन की शाखागत संरचना है जो जीवन के लिए जरूरी किसी भी अणु के लिए जरूरी होती है। अमीनो एसिड प्रोटीन का निर्माण करता है। गारोड ने कहा, 'इस खोज से उस विचार को बल मिलेगा कि अमीनो एसिड की तरह जैविक रूप से महत्वपूर्ण अणु आमतौर पर उल्का पिंडों या किसी भी सितारे की उत्पत्ति सेपहले की प्रक्रिया में पाए जाते हैं। पृथ्वी के गठन की प्रक्रिया से पहले भी ये अणु मौजूद थे।'
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