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उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया को भेजा दोस्ती का न्योता

8 वर्ष पहले
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प्योंगयांग। उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया को दोस्ती का न्योता भेजा है। उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया को एक खुली चिट्ठी भेजकर दुश्मनी छोड़ दोस्ती का हाथ थामने की बात कही है। ये चिट्ठी उत्तर कोरिया के मीडिया में छाई हुई है।
दक्षिण कोरिया अमेरिका के साथ मिलकर सैनिक अभ्यास करने जा रहा है। ऐसे में सैनिक अभ्यास से कुछ ही हफ्ते पहले आई इस चिट्ठी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शायद यही वजह है कि दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया की छिपी मंशा को भांपते हुए इस चिट्ठी को खारिज कर दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दक्षिण कोरिया में अगले महीने सैनिक अभ्यास होना है। इसे लेकर उत्तर कोरिया बेहद चिढ़ा हुआ है। इस अभ्यास को उत्तर कोरिया युद्ध की तैयारी के तौर पर देख रहा है। अब इस पूरे घटनाक्रम के बाद सभी के दिमाग में एक ही सवाल है कि अभ्यास शुरू होने के बाद आखिर उत्तर कोरिया क्या करेगा।
इधर, स्थानीय मीडिया का कहना है कि कोरिया में परंपरा के मुताबिक वार्षिक अभ्यास के समय तनाव बढ़ जाता है। पिछले साल उत्तर कोरिया में हुए सैनिक अभ्यास 'फोल ईगल' के चलते दोनों के बीच आसामान्य तौर पर तनाव लंबा और तेज़ हो गया था। उत्तर कोरिया ने पहली बार परमाणु आक्रमण की धमकी दी थी। परमाणु शक्ति से लैस अमेरिका ने चोरी-छिपे प्रायद्वीप पर अभ्यास का एक दौर भी चलाया था।
क्या कहता है खत ?
उत्तर कोरिया के राष्ट्रीय रक्षा कमीशन की ओर से भेजी गई चिट्ठी में कहा गया है कि उत्तर और दक्षिण कोरिया के संबंधों की आगे की राह को आसान करने के लिए सभी तरह की युद्ध संबंधी सैनिक कार्रवाई पर रोक लगाने की ज़रूरत है। ये अविश्वास पैदा करने की सबसे बड़ी वजह है।
चिट्ठी के जरिए उत्तर कोरिया ने साफ तौर पर कहा है कि सभी तरह की सैनिक कार्रवाई के लिए एकतरफा दक्षिण कोरिया ही जिम्मेदार और दोषी है।
खत खारिज होने पर प्रतिक्रिया
दक्षिण कोरिया की ओर से खत खारिज किए जाने के बाद उत्तर कोरिया ने कहा है कि यह अफसोस की बात है कि दक्षिण कोरिया अपने गलत रुख पर बरकरार है। उत्तर कोरिया को बिना सोचे-समझे हमारे प्रस्ताव को खारिज नहीं करना चाहिए था।
ये चिट्ठी उत्तर कोरिया के नेता किम जॉन्ग-अन के विशेष आदेश पर भेजी गई थी। इसमें युद्ध संबंधी सैनिक कार्रवाई पर रोक लगाने और भविष्य में परमाणु तबाही से बचने की अपील की गई थी।
दक्षिण कोरिया का रुख
दक्षिण कोरिया रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि महत्वपूर्ण सैनिक कौशल ये है कि दुश्मनों की छिपी मंशा को भांप लिया जाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा तनाव उत्तर कोरिया की सैनिक कार्रवाई का नतीजा है और हालात तभी सुधारे जा सकते हैं, जब उत्तर कोरिया युद्ध संबंधी कार्रवाई पर रोक लगाए।