वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति
बराक ओबामा ने कहा है कि खुफिया एंजेसियों ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट की गतिविधियों को कमतर कर के आंका। अब यह क्षेत्र और पूरी दुनिया के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। ओबामा ने सीबीएस टेलीविजन ने एक इंटरव्यू में खुलासा करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने भी
इराक की सेनाओं की आतंकवादियों से लड़ने की ताकत को समझने में चूक की।
इससे पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसी के निदेशक जेम्स क्लेपर ने वॉशिंगटन पोस्ट समाचार पत्र से कहा था कि अमेरिका की खुफिया एंजेसियों ने इस्लामिक स्टेट और
इराक की सेना की क्षमताओं को आंकने में गलती कर दी। जब अमेरिका के मरीन कमांडो ने इराक में अल कायदा के आतंकवादियों की तलाश शुरू की थी। तब यह आतंकवादी भूमिगत हो गए थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सीरिया में जारी गृहयुद्ध का फायदा उठाते हुए इन आतंकवादी ने फिर से अपने संगठन को स्थापित कर लिया। इसके कारण यह क्षेत्र आतंकवादियों के की पनाहगार बन गया है।
अमेरिका के नेतृत्व में मित्र देशों ने इराक में अगस्त में हवाई हमले शुरू किए थे। पिछले सप्ताह से इन हमलों का दायरा सीरिया तक बढ़ा दिया गया। अमेरिका इस क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट को कमजोर करने लिए व्यापक सहमति हासिल करने की कोशिश कर रहा है। इन आतंकवादियों ने सीरिया और उत्तर पश्चिम इराक के बड़े हिस्से पर कब्जा करने के दौरान हजारों नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया। कम से कम पश्चिमी देशों के तीन नागरिकों की सिर काट कर हत्या कर दी।
ओबामा ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ सेना के लक्ष्यों के बारे में कहा, हम उन्हें वापस धकेलकर उनके कब्जे वाले अधिकार क्षेत्र को सीमित करना चाहते हैं। उनके कमान और कंट्रोल व्यवस्था को खत्म करेंगे। उनके हथियारों को नष्ट करेंगे। आखिर में उन्हें बेदम करके ही दम लेंगे।