बर्लिन. हिटलर के शासनकाल के पोलैंड में स्थित कुख्यात नाजी डेथ कैंप अशवित्स में गार्ड के रूप में तैनात रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
93 साल के हैंस लिप्सचिस को 1941 से 1945 के दौरान अशवित्स में हुए अपराधों में शामिल होने का दोषी पाया गया है। उसने स्वीकार किया है कि उसने नाजियों के हथियारबंद दस्ते एसएस के साथ कैंप में काम किया था। हालांकि उसने दावा किया कि वह कैंप में एक रसोईया था। हैंस को एलेश शहर से गिरफ्तार किया गया था।
वह द्वितीय विश्वयुद्ध समाप्ति के बाद 1956 में शिकागो में बस गया था लेकिन 1983 में अपने नाजी अतीत के बारे में झूठ बोलने के कारण अमेरिका ने उसे वापस जर्मनी भेज दिया था। आरोप है कि हैंस ने सामूहिक जनसंहार में हिस्सा लिया था।
जर्मनी के अधिकारियों ने जीवित बचे अशवित्स के 50 पूर्व गार्डो के खिलाफ कुछ सप्ताह पहले ही नई जांच शुरू की है और इस कड़ी में यह पहली गिरफ्तारी है। अअशवित्स कैंप में 12 लाख से अधिक लोग मारे गए थे जिनमें से अधिकतर यहूदी थे।