इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आज तालिबान से समझौता वार्ता के लिए चार सदस्यीय दल की नियुक्ति की घोषणा की। इससे पहले पाकिस्तान सरकार की ओर से उत्तरी वजीरिस्तान में तालिबान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू करने के संकेत दिए गए थे और कहा गया था कि इसके लिए हर विकल्प खुला हुआ है।
नवाज शरीफ ने नेशनल असेम्बली में कहा कि उन्होंने बातचीत की तालिबान की पेशकश स्वीकार कर ली है और उनकी सरकार शांति के लिए उन्हें एक और अवसर देना चाहती है।
चार सदस्यीय दल में इरफान सिद्दीकी, रहीमुल्ला यू सुफजई, रूस्तम शाह मुहम्मद तथा मेजर अमीरशाह शामिल हैं। गृह मंत्री चौधरी निशार अली खॉ समिति की सहायता करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह समिति के काम की निगरानी खुद करेंगे।
उन्होंने कहा कि समझौता वार्ता से पहले तालिबान को आतंकवादी हमले तुरंत बंद करने होंगे। उन्होंने कहा कि पूरे देश को आतंकवाद खत्म करने की सरकारी की पहल का समर्थन करना होगा। दूसरे पक्ष ने बातचीत की इच्छा जाहिर की है, इसलिए शांति प्रयास का अवसर दिया जाना चाहिए। शांति का कोई विकल्प नहीं है और अंतिम लक्ष्य यही है। सरकार इसे हर हालत में हासिल करना चाहती है।
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