इस्लामाबाद. पाकिस्तान में वोटिंग खत्म हो गई है। लेकिन धमाके रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। कराची में फिर से बम धमाका हुआ है। कराची के मंगोपीर में फिदायीन हमले में दो लोगों की मौत हो गई है जबकि छह अन्य जख्मी हुए हैं। हालांकि, इस वक्त कड़ी सुरक्षा के बीच मतों की गिनती का काम चल रहा है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री चुनाव हारे
पाकिस्तान में सत्ता पर काबिज जरदारी की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। जरदारी की पार्टी तीसरे स्थान पर खिसकती दिख रही है। इमरान खान की पार्टी तहरीक़-ए-इंसाफ़ दूसरे स्थान पर जगह बनाने में कामयाब रही है। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज़ (पीएमएल एन) सबसे आगे है। चौकाने वाले चुनाव परिणाम में जरदारी की पार्टी से प्रधानमंत्री रहे राजा परवेज अशरफ चुनाव हार गए हैं। अभी 272 सीटों के लिए वोटों की गिनती जारी है।
सत्ता के लिए चाहिए 170 का जादूई अंक
पाकिस्तान में सत्ता की चावी पाने के लिए 170 सिटों पर जीतना जरूरी है। वर्तमान रुझानों के अनुसार पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल एन)-126, तहरीक-ए-इंसाफ- 34 और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी- 32 सीटों पर आगे चल रही है। निर्दलीय और अन्य दल 71 सीटों पर आगे है। नवाज पंजाब की सरगोधा सीट से जीत गए हैं।
इससे पहले शनिवार को पाकिस्तान में हिंसा और विरोध के बीच शनिवार को नेशनल असेंबली और प्रांतीय असेंबलियों के लिए वोट डाले गए। खौफ के साए में हुए मतदान का प्रतिशत शुरुआत में बेहद कम रहा। स्थानीय मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक पाकिस्तान में 54 फीसदी वोटिंग हुई है। चुनाव आयोग ने अंतिम समय में वोट डालने की मियाद एक घंटे बढ़ाकर स्थानीय समयानुसार शाम साढ़े छह बजे तक कर दी थी।
पाकिस्तान में आज कराची से लेकर पेशावर तक हुए चार बम धमाकों में कम से कम 25 लोग मारे गए हैं जबकि 198 लोग जख्मी हुए हैं। नेताओं ने वोट के लिए फरेब भी किया है। कुछ इलाकों में तमाम पार्टियों ने मिल कर 'सीक्रेट डील' की है कि महिलाओं को वोट नहीं डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। चुनाव हिंदुस्तान के नाम पर भी लड़ा जा रहा है। सत्ताधारी पीपीपी की धुर विरोध पीएमएल(एन) के मुखिया नवाज शरीफ ने कहा है कि अगर वह चुनाव जीतते हैं तो करगिल संघर्ष और 26/11 में पाकिस्तान की भूमिका की जांच करवाएंगे। शरीफ को कड़ी टक्कर देने वाले इमरान खान नया पाकिस्तान बनाने की बात कर रहे हैं। क्रिकेट स्टार शाहिद अफरीदी ने कराची जबकि नवाज शरीफ ने लाहौर में अपना वोट डाला।
देश में पहली बार लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार ने अपना कार्यकाल पूरा किया है और लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता हस्तांतरण होने जा रहा है। पिछली बार परवेज मुशर्रफ ने फौजी शासन खत्म कर चुनाव करवाए थे।
विभिन्न आतंकी संगठनों ने मतदान केंद्रों पर हमले की धमकी दी है। देश में 73 हजार में से 20 हजार केंद्रों पर हमलों की आशंका है। देश भर में छह लाख सुरक्षा कर्मी और सैनिक तैनात किए गए हैं। आम चुनाव में मुख्य मुकाबला पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पीएमएल-एन तथा क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ के बीच है।
कभी नाजायज संबंधों के आरोप झेल चुके इमरान इन दिनों घायल हैं, पर उन्होंने काफी मेहनत की है और उन्हें इसका नतीजा मिलने की काफी उम्मीद है।