फाइल फोटो: पाकिस्तान की बाबर क्रूज मिसाइल।
एक साल में मिल सकती है कामयाबीअखबार के मुताबिक, अपनी
अगली रणनीति के तहत पाकिस्तान ऐसा परमाणु हथियार तैयार करने की कोशिश कर रहा है, जिसे जंगी जहाज या फिर पनडुब्बी की मदद से हिंद महासागर में तैनात किया जा सके। गौरतलब है कि इसी रणनीति के तहत पाकिस्तान ने 2012 में नौसेना रणनीतिक बल कमांड का गठन किया था। यह कमांड वायुसेना और थलसेना के ठीक उन्हीं कमांड की तरह है, जो परमाणु हथियारों की निगरानी करता है। परमाणु विशेषज्ञ और पाकिस्तान सरकार की वित्तीय मदद थिंक टैंक इंस्टिट्यूट ऑफ स्ट्रेटैजिक स्टडीज, इस्लामाबाद के पूर्व डायरेक्टर शिरीन एम मजारी ने कहा, "हम अपनी राह पर हैं और मेरा मानना है कि अगले एक साल में हम इस तरह का परमाणु हथियार विकसित कर लेंगे।"
मिसाइल रक्षा प्रणाली को धोखा देने की तैयारी
विशेषज्ञों का कहना है कि मिसाइलों की मारक दूरी बढ़ाने की बजाय पाकिस्तान कम दूरी की क्रूज मिसाइलें विकसित कर रहा है। ये मिसाइलें काफी नीचे से गुजरती हैं और बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणालियों से बच निकलती हैं। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान ने नियमित तौर पर परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम और स्वदेश में बने बाबर क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया है। यह मिसाइल 640 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है और जमीन के अलावा समुद्र में भी अपने लक्ष्य को भेद सकती है।