न्यूयॉर्क। पाकिस्तान
के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र महासभा में शुक्रवार को
भारत के खिलाफ तीन मुद्दों पर बोले। पहला,
शरीफ ने कश्मीर का मुद्दा उठाया और वहां जनमत संग्रह कराने की बात कही। दूसरा, भारत-पाकिस्तान के बीच विदेश सचिव स्तर की बातचीत रद्द होने के लिए उन्होंने भारत को जिम्मेदार ठहराया और तीसरा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में स्थायी सीट बढ़ाने के प्रस्ताव को नकार दिया। शरीफ ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को सिर्फ कुछ चुनिंदा देशों की महत्वाकांक्षा को ध्यान में नहीं रखना चाहिए, बल्कि सभी सदस्य देशों के हितों का ख्याल करना चाहिए। गौरतलब है कि भारत लंबे समय से यूएनएससी में अपने लिए स्थायी सीट की मांग करता आ रहा है।
शरीफ ने कश्मीर में जनमत संग्रह की बात कही
कश्मीर के मुद्दे पर शरीफ ने भारत की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि
कश्मीर के मूल मुद्दे पर पर्दा नहीं डाला जा सकता है और पाकिस्तान बातचीत के जरिए इस समस्या का हल निकालने की खातिर काम करने को तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर मुद्दे को हल करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है। शरीफ ने कहा, "
जम्मू-कश्मीर के लोगों को आत्मनिर्णय का अधिकार दिलाने का हमारा समर्थन कश्मीर विवाद का एक पक्ष होने के नाते हमारी ऐतिहासिक प्रतिबद्धता और दायित्व है। 60 साल से भी ज्यादा वक्त हो गया जब संयुक्त राष्ट्र में
जम्मू-कश्मीर में जनमत संग्रह कराने संबंधी प्रस्ताव पास किया गया था। जम्मू-कश्मीर के लोग अब भी उस वादे को पूरा किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। कश्मीरियों की कई पीढ़ियां आधिपत्य में रहीं और उनके साथ हिंसा हुई और उनके मौलिक अधिकारों का हनन हुआ। खासकर कश्मीरी महिलाएं जबर्दस्त मुसीबत और अपमान से गुजरी हैं।"
बातचीत रद्द होने के लिए भारत को बताया जिम्मेदार
पाकिस्तान द्वारा कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से मुलाकात के बाद पिछले महीने भारत की तरफ से दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की बातचीत रद्द किए जाने के फैसले के लिए शरीफ ने भारत को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की बातचीत रद्द होने से हमें निराशा हुई। अंतरराष्ट्रीय जगत ने भी इसे एक मौका गंवा देने के रूप में देखा। पाकिस्तान का मानना है कि विवादों को सुलझाने और आर्थिक एवं व्यापारिक रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए हमें बातचीत करते रहना होगा। हमें शांति के फायदे को नकारना नहीं चाहिए।"
यूएनएससी पर दिया भारत को झटका
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की बात को खारिज करते हुए शरीफ ने कहा कि इस वैश्विक संस्था को सभी के हितों का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र में सुधार निश्चित तौर पर व्यापक होना चाहिए। हम सुरक्षा परिषद में ऐसे सुधार का समर्थन करेंगे, जिसके तहत सभी सदस्य देशों की भावनाओं का ध्यान रखा जाएगा, न कि कुछ चुनिंदा देशों का। सुरक्षा परिषद में कोई भी नई स्थायी सीट नहीं होनी चाहिए। ऐसा करना इस लोकतांत्रिक संस्था के मूल्यों के विरुद्ध होगा।"
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