(फाइल फोटो)
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोपों में सैकड़ों लोग जेल में बंद हैं। पंजाब सूबे की सरकार ने 50 ऐसे लोगों की सूची बनाई है जो उसके हिसाब से इन मामलों में जबरन फंसाए गए हैं। सरकार इनके मामले को तेजी से निपटाने और इन्हें बचाने के लिए कोशिश कर रही है।
पिछले साल मुल्तान में ईशनिंदा के एक आरोपी की वकील की हत्या के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। पंजाब सरकार के गृह और पुलिस विभागों से जुड़े अभियोजन विभाग में 2010 से ईशनिंदा के 262 मामले लंबित हैं। ये लोग लंबे समय से जेलों में हैं और इनके खिलाफ कोई ठोस सबूत भी नहीं हैं।
सूबाई प्रोसेक्यूशन सेक्रेटरी राणा मकबूल की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है। यह इन लोगों को छुड़वाने के तौर तरीके खोजेगी। ईशनिंदा कानून 1980 के दशक में जुल्फिकार अली भुट्टो ने धार्मिक दलों को संतुष्ट करने के लिए बनाया था।
इसका दुरुपयोग सभी धर्मों के लोगों के खिलाफ किया गया। इसमें सुधार की कोशिशें कट्टरपंथियों ने विफल कर दीं। इस कानून की आलोचना करने पर पंजाब के गवर्नर सलमान तासीर की 2011 में हत्या तक कर दी गई।