चीन में लूनर न्यू ईयर के आस-पास यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि सरकार की ओर से दिए जाने वाले स्प्रिंग ट्रांसपोर्टेशन के जरिए शुरुआती दस दिनों में देश की 867 मिलियन आबादी में से 4.7 फीसदी लोग सड़क मार्ग से सफर किया।
परिवहन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को सड़क यात्रियों की संख्या करीब 94.38 मिलियन के करीब रही। जो साल दर साल 6.9 फीसदी बढ़ रही है।
चीन का स्प्रिंग फेस्टिवल और लूनर न्यू ईयर ऐसे पारंपरिक पर्व हैं, जिसमें पूरा परिवार इकट्ठा होता है। मुसाफिरों का जबरदस्त संख्या से सड़क से साथ-साथ ट्रेन और एयर ट्रांसपोर्टेशन पर भी खासा दबाव रहता है।
लूनर न्यू ईयर के लिए इस साल 16 जनवरी से शुरू हुई स्प्रिंग ट्रांसपोर्टेशन 24 फरवरी तक चलेगा। परिवहन मंत्रालय का अनुमान है कि स्प्रिंग ट्रांसपोर्टेशन के जरिए मुसाफिर 3.62 अरब यात्राएं करेंगे।
कब शुरू होगा लूनर न्यू ईयर ?
चीनी कैलेंडर के हिसाब से चीन का नया साल 31 जनवरी से शुरू हो रहा है। इसे स्प्रिंग फेस्टिवल और लूनर न्यू ईयर भी कहा जाता है। इस बार 2014 का लूनर ईयर होर्स यानी घोड़ा रखा गया है। ये 15 दिनों तक चलने वाला समारोह है। आखिर दिन लालटेन फेस्टिवल से इसकी समाप्ति हो जाती है। इस फेस्टिवल की शुरुआत दो हजार साल पहले हान राजवंश ने की थी।
फेस्टिवल में खाना सबसे अहम किरदार अदा करता है। इस दौरान पूरे देश में परंपरागत पकवान बनाए जाते हैं। पूरे घर की सफाई के साथ साफ-सफाई में काम आने वाले सभी औजारों को फेंक दिया जाता है। चीनियों का मानना है कि इससे दुर्भाग्य दूर भाग जाता है।
राक्षस की पुरानी मान्यता
लूनर ईयर के पीछे एक मान्यता है कि नियान नामक राक्षस साल के पहले दिन गांव में आता था। वह भूख मिटाने के लिए बच्चों, पशुओं और फसलों को खा जाता था। गांववालों ने इससे मुक्ति पाने के लिए उसके दरवाजे पर साल की पहली तारीख को बहुत सारा खाना छोड़कर आना शुरू कर दिया। इससे गांव वालों का जीवन सुरक्षित हो गया। ऐसी भी मान्यता है कि नियान राक्षस लाल रंग और पटाखों से बहुत डरता था। इसलिए लाल रंग और आतिशबाजी का प्रयोग इस त्यौहार में ज्यादा किया जाता है।
आगे तस्वीरों में देखिए: न्यू ईयर पर घर जाने के लिए कैसे सफर कर रहे हैं लोग