कराची। पाकिस्तान के पूर्व फौजी शासक जनरल परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि भारत के साथ मित्रता देश के आत्मसम्मान की बलि चढ़ाए बिना केवल बराबरी के आधार पर ही संभव है।
मुशर्रफ ने समा टीवी चैनल से इंटरव्यू में कहा है कि यह कहना गलत है कि वह भारत के साथ मित्रता नहीं चाहते वास्तविकता इसके विपरीत है। उनके समय में भारत के साथ संबंध अच्छे थे और हम लोग
कश्मीर सरक्रीक तथा जलसंधि जैसी समस्या को हल कर लेने के निकट पहुंच गए थे।
मुशर्रफ ने कहा कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी की सरकार के कार्यकाल में भी मित्रता संभव है। यह दोनों देशों के हित में है, लेकिन इसका आधार बराबरी का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर भारत वास्तविक नियंत्नण रेखा का उल्लंघन करता और लोगों की हत्याएं करता रहता है तो मित्रता संभव नहीं है। पश्चिमी वजीरिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देकर और इस देश को अस्थिर करने का प्रयास करके भी मित्रता नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि संबंध अच्छा होने से दोनों देशों को लाभ होगा। लेकिन इसके लिए जरूरत एक दूसरे की स्वतंत्रता और सम्प्रभुता के सम्मान की होगी। उन्होंने कहा कि अगर भारत मित्रता की दिशा में एक कदम बढ़ाता है तो पाकिस्तान दो कदम बढ़ा सकता है।