(न्यूयॉर्क में जेएफके एयरपोर्ट पर विमान से उतरते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी)
न्यूयॉर्क। एल्विस प्रेसले, सर एल्टन जॉन और मुहम्मद अली जैसी हस्तियों की मेज़बानी कर चुका मेडिसन स्क्वेयर गार्डन तैयार है नरेंद्र मोदी से कहने के लिए "पधारो म्हारे देस'। तैयारी ऐसी, जैसे रॉकस्टार हों। रविवार को मोदी की बहुप्रतीक्षित स्पीच यहीं होनी है। भारतवंशियों में उत्साह इतना है कि वे मोदी को सुनने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। जिन्हें टिकट नहीं मिला, वे वालंटियर बनने को भी राजी हैं।
अटलांटा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर पलक जैन ने कहा- मैं स्वामी विवेकानंद के समय नहीं थी। मैंने सरदार पटेल को नहीं देखा, पर मैं नरेंद्र मोदी को सुनना चाहती हूं। पलक 15 साल से अमेरिका में रह रही हैं। कार्यक्रम का आयोजन कर रहे इंडो-अमेरिकन कम्युनिटी फेडरेशन ने कहा कि आयोजन का टिकट मांगने के लिए हर दिन पूरे अमेरिका, यहां तक कि कनाडा से भी लोगों से सैकड़ों ई-मेल, पत्र और फोन कॉल्स आ रहे हैं। मैरीलैंड में रहने वाले डॉ. शंभू एन बानिक ने बताया- मोदी यहां रॉकस्टार बन चुके हैं। जितना क्रेज मेडिसन में है, उससे ज्यादा टाइम स्क्वेयर पर दिखेगा। स्पीच का लाइव प्रसारण 40 यूनिवर्सिटीज में भी किया जाएगा।
मीडिया में सबसे बड़ा कवरेज
तमाम यूएस आउटलेट्स 2009 में
मनमोहन सिंह के मुकाबले इस बार एयर टाइम, वेब और प्रिंट में मोदी पर ज्यादा समय खर्च करेंगे। वॉल स्ट्रीट जरनल और वॉशिंगटन पोस्ट जैसे प्रमुख अखबारों ने अपनी वेबसाइट पर मोदी के इस दौरे को कवरेज देना शुरू कर दिया है।
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