रोम। ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस ने बौद्ध धर्मगुरु
दलाई लामा से मिलने से इनकार कर दिया है। वेटिकन ने कहा है कि ऐसा चीन और वेटिकन के नाजुक रिश्तों के कारण किया गया है। दलाई लामा इन दिनों नोबेल पुरस्कार विजेताओं से मिलने के लिए रोम में हैं। उन्होंने पोप से मिलने का समय मांगा था।
वेटिकन के एक प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि पोप के मन में दलाई लामा के प्रति बहुत आदर है, लेकिन विभिन्न कारणों से पोप ने मुलाकात का उनका आग्रह मंजूर नहीं किया है। वहीं दलाई लामा के प्रवक्ता ने इस पर निराशा जाहिर की है। इससे पहले दलाई लामा ने 2006 में तत्कालीन पोप बेनेडिक्ट सोलहवें से मुलाकात की थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पोप फिलहाल चीन को नाराज नहीं करना चाहते। चीन में इस समय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों (8.76 करोड़) से ज्यादा कैथोलिक ईसाई (10 करोड़) हैं। अनुमान है कि चीन में 2030 तक दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा ईसाई हो जाएंगे। चीन में ईसाई धर्म सातवीं शताब्दी में गया था, लेकिन उसके मानने वाले चोरी-छिपे ही रहते थे।