(फ्रेंकफर्ट एयरपोर्ट में मोदी की आगवानी करते भारतीय दूतावास के अधिकारी)
फ्रेंकफर्ट। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी अमेरिका की पांच दिवसीय यात्रा के लिए गुरुवार को रवाना हो गए। गौरतलब है कि फ्रेंकफर्ट एयरपोर्ट से रात 11 बजे से सुबह पांच तक उड़ानों की इजाजत नहीं है। ऐसा वहां लोगों की नींद में खलल के कारण किया गया है। यही कारण था कि मोदी की फ्लाइट एक दिन पहले ही यानी 26 की जगह 25 को ही भारत से रवाना हो गई।
फ्रेंकफर्ट में रात में किया आराम
स्थानीय समयानुसार मोदी का विमान फ्रेंकफर्ट एयरपोर्ट पर रात 11 बजे पहुंचा था। फ्रेंकफर्ट के होटल में लगभग छह घंटे का समय गुजारने के बाद सुबह पांच बजे न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो गए। यहां भी मोदी के स्वागत के लिए जबर्दस्त तैयारियां रखी गई थीं। मोदी नवरात्रि के अवसर पर नौ दिन के उपवास पर हैं। इसीलिए उन्होंने अमेरिका रवाना होने से पहले जर्मनी में ही सुबह पूजा-अर्चना भी की।
दुनिया का तीसरा सबसे व्यस्त एयरपोर्ट
फ्रेंकफर्ट दुनिया का तीसरा सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। 2011 में शहर के लोगों ने रात में विमानों की आवाजाही रोकने के लिए एक आंदोलन भी चलाया था। इसके बाद प्रशासन को लोगों की बात माननी पड़ी। इस तरह दुनिया के इस तीसरे सबसे व्यस्त एयरपोर्ट पर यह नियम लागू कर दिया गया।
सख्त नियम के आगे सभी बौने
यह नियम इतना सख्त है कि बड़े से बड़े व्यक्ति के लिए इसका उल्लंघन नहीं किया जाता। ठीक इसी तरह यह नियम मोदी के लिए भी लागू हुआ। हाल ही में जब मोदी ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने ब्राजील गए थे, तब भी इसी नियम के चलते उन्हें फ्रेंकफर्ट में एक रात आराम करना पड़ा था।
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