बेरुत। इस्लामिक विद्रोहियों और चरमपंथी समूहों ने सीरिया के तेल और गैस के भंडारों पर कब्जा कर लिया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, सीरिया की आमदनी के मुख्य स्रोत पर कब्जा करके विद्रोहियों ने राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ जंग तेज करने का एलान किया है।
खबरों के मुताबिक, अलकायदा समर्थित 'इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया' और नुसरा फ्रंट ने सीरिया के तेल एंव गैस संसाधनों पर नियंत्रण कर लिया है और इसकी सप्लाई को प्रभावित किया है। यह भी बताया जा रहा है कि 'आईएसआईएस' अवैध ढंग से असद सरकार को तेल बेच रही है।
सीरिया के विपक्षी दलों का आरोप है कि 'आईएसआईएस' गोपनीय तरीके से बशर सरकार के साथ काम कर रहा है, ताकि दूसरे विद्रोही समूहों को कमजोर किया जा सके और उन्हें मिलने वाली अंतरराष्ट्रीय इस्लामिक समूहों द्वारा मिलने वाली मदद को कम किया जा सके। हालांकि, इस बात के साफ सबूत नहीं हैं कि असद और 'आईएसआईएस' के कोई सामरिक संबंध हैं या नहीं, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक सीरियाई सरकार इस ग्रुप से तेल खरीदकर उन्हें बढ़ावा दे रही है। इसके एवज में बशर सेना विद्रोहियों के ठिकानों को रॉकेट हमले से बख्श रही है।
सीरिया के तेल संसाधनों वाले क्षेत्रों में मौजूद विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के मुताबिक नुसरा फ्रंट एंव कई अन्य विद्रोही समहू भी बशर सरकार को तेल मुहैया करवा रहे हैं। इसके बदले में उन्हें बिजली दी जा रही है और उन पर हवाई हमले नहीं किए जा रहे।
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