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क्या गुरुवार को दुनिया के नक्शे पर होगा नया देश, 42 लाख स्कॉटिश करेंगे फैसला

7 वर्ष पहले
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इंटरनेशनल डेस्क। गुरुवार को स्कॉटलैंड के 42 लाख लोग फैसला करेंगे कि इंग्लैंड के साथ 300 साल पुराना संबंध कायम रखें या उस खत्म कर दें। ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि स्कॉटलैंड अलग होने का फैसला कर चुका है और अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या यह ब्रिटिश यूनियन के प्रतीक ध्वज का अंत होगा और क्या स्कॉटलैंड ब्रिटेन की महारानी और करेंसी 'पाउंड' को मान्यता देता रहेगा।
भले ही जनमत संग्रह में 'हां' का बहुमत होते ही स्कॉटलैंड अलग हो जाएगा, लेकिन अभी भी आधारभूत चीजें तय नहीं हैं कि नए देश की करेंसी क्या होगी, शासक कौन होंगे, संविधान क्या होगा, स्कॉटलैंड यूरोपीय संघ का सदस्य होगा या नहीं?
इस पूरे मामले में एक चीज अभी तक साफ नहीं है कि ब्रिटेन और स्कॉटलैंड के बीच मुद्‌दा क्या है। भाषा का कोई झगड़ा नहीं है। स्कॉटलैंड की अपनी संसद है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में स्कॉटलैंड को स्वायत्त अधिकार हैं। अब इसी राह पर वेल्स और उत्तरी आयरलैंड भी चलें तो वह ब्रिटेन, जहां कभी सूरज नहीं डूबता था, इंग्लैंड में ही सिमट कर रह जाएगा।
जानिए कुछ दिलचस्प तथ्य
कौन करेगा वोट?
स्कॉटलैंड में 42 लाख लोग वोट के लिए रजिस्टर्ड किए गए हैं, जो यह फैसला करेंगे कि उन्हें ब्रिटेन के साथ बने रहना है या नहीं। इसके लिए पूरे स्कॉटलैंड में 'यस' और 'नो' कैम्पेन चलाया जा रहा है। अगर हवा बहने की बात करें तो पूरा स्कॉटलैंड एकजुट हो चुका है। 1707 तक स्कॉटलैंड एक स्वतंत्र देश था। लेकिन इसके बाद इंग्लैंड ने इस पर आधिपत्य जमा कर ग्रेट ब्रिटेन में मिला लिया। इसी तरह से नॉर्दर्न आयरलैंड भी इसी का हिस्सा है।
अगर फैसला 'हां' हुआ तो क्या स्कॉटलैंड आजाद हो जाएगा?
ऐसा नहीं है। जनमत संग्रह को पूरी तरह से कानूनी शक्ति नहीं है। लेकिन ब्रिटिश सरकार ने स्कॉटलैंड के लोगों से वादा किया है कि अगर वो अलग होने के पक्ष में वोट देते हैं, तो वह उन्हें आजाद कर देगा। अलग होने की प्रक्रिया मार्च 2016 तक पूरी होगी।
स्कॉटलैंड कौन सी करेंसी का उपयोग करेगा?
इस पर विवाद है। लेकिन यह यूरो नहीं होगी। स्कॉटलैंड की सरकार चाहती है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड से जुड़ी करेंसी पाउंड स्टर्लिंग का इस्तेमाल करे। फिर भी ब्रिटेन ने चेतावनी दी है कि बाकी बचा यूके इसके लिए तैयार नहीं होगा। अगर स्कॉटलैंड अलग होगा तो उसे खुद की करेंसी बनानी होगी।
कौन है आजादी कैम्पेन के पीछे

नेशनल स्कॉटिश पार्टी के नेता और स्कॉटलैंड के पहले मंत्री एलेक्स सेल्मंड पूरे स्कॉटलैंड में 'यस कैम्पेन' चला रहे हैं। वे स्कॉटिश आजादी के सबसे पहले समर्थकों में से एक हैं। उन्हें 21वीं सदी का 'बहादुर दिल वाला' व्यक्ति कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब स्कॉटलैंड के इतिहास को नए सिरे से बनाने की जरूरत है। सेल्मंड को एक बार उन्हीं की पार्टी से निलंबित किया जा चुका है। राजनेता से पहले वे इकोनॉमिस्ट के रूप में काम कर चुके हैं।
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