जकार्ता। इंडोनेशिया के जावा प्रांत में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से एक पहाड़ी गांव में 120 से ज्यादा लोग मिट्टी में दब गए। मशीनें नहीं पहुंची, तो रेस्क्यू टीम लोगों को बचाने के लिए हाथों से ही मलबा हटाने लगी। अब तक 20 शव निकाले जा चुके हैं। हादसा बंजारनेगारा जिले के जम्बलुंग गांव में शुक्रवार देर रात हुआ।
राष्ट्रीय आपदा निवारण एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नुग्रोहो ने बताया कि भूस्खलन से 20 लोगों की मौत हो गई। जम्बलुंग के आसापास के इलाकों के 423 लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है। अभी भी 88 लोग लापता बताए जा रहे हैं। सुतोपो के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए 15 लोगों में से 11 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भूस्खलन के कारण बचाव कार्य अभियान में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रेस्क्यू टीम में पुलिस, सेना और स्थानीय कार्यकर्ताओं समेत 400 से ज्यादा लोग शामिल हैं। एक चश्मदीद के मुताबिक, भयंकर आवाज के साथ उसने बारिश के साथ मिट्टी खिसकती देखी।
गौरतलब है कि मानसून मौसम के दौरान इंडोनेशिया में भूस्खलन की घटनाएं आम हैं। यहां मानसून का मौसम अक्टूबर से अप्रैल तक चलता है। ऐसा ही हादसा पुणे (महाराष्ट्र) के मालिन गांव में इसी साल जुलाई में हुआ था। तब करीब 160 लोग मारे गए थे।
बचाव में ये बाधा
> लगातार हो रही बारिश से बढ़ता कीचड़।
> बिजली आपूर्ति ठप, टेलीफोन के तार कटे।
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