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डाउनलोड करेंवाशिंगटन। रूस की सरकार ने अमेरिका,यूरोप और एशिया की करीब 100 कंपनियों की जासूसी कराई थी। अमेरिका की एक साइबर सुरक्षा की संस्था ने ये दावा किया है। अमेरिकी साइबर सुरक्षा एजेंसी ने कहा है कि उसके पास रूसी सरकार के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। संस्था का कहना है कि सबूत इस बात को साबित करने के लिए काफी है कि आर्थिक और राजनीतिक फायदे के लिए मास्को से साइबर हमले कराए गए थे।
संस्था के मुताबिक, साइबर हमले में क्राउड स्ट्राइक समेत ऊर्जा और तकनीक से जुड़ी कई और संस्थाओं को अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्ति गंवानी पड़ी थी।
हालांकि, क्राउडस्ट्राइक ने मामले की जांच के लिए नुकसान से संबंधित कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया है।
क्राउडस्ट्राइक के मुख्य तकनीकी अधिकारी दमित्री अल्पेरोविक का कहना है, "लगता है ये साइबर हमले रूसी सरकार ने अपने फायदे के लिए कराए थे। शायद सरकार ने इंडस्ट्री की प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए ऐसा देश हित में किया हो।"
इस मामले में रूस के गृह मंत्रालय की ओर से कोई बयान नहीं आया है।
क्राउडस्ट्राइक के मुताबिक, सरकारें कम्प्यूटर नेटवर्क का इस्तेमाल एक-दूसरे की गुप्त सूचनाओं को चुराने के लिए 30 सालों से करती चली आ रही हैं।
साइबर सुरक्षा के शोधकर्ताओं का कहना है कि 2005 में चीन ने कई निकायों की जासूसी कराई थी। हालांकि, चीन ने इन आरोपों को स्वीकार भी कर लिया था, लेकिन ये पहली बार सामने आया है कि रूसी सरकार जासूसी कराने के मामले से जुड़ी हुई है।
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