36 मिसाइलों को एक साथ गिरा सकेगी हमारी आर्मी, रूस से 33000 Cr में S-400 डिफेंस सिस्टम खरीदेगा भारत

6 वर्ष पहले
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मॉस्को/नई दिल्ली. 15-16 अक्टूबर को गोवा में ब्रिक्स समिट के दौरान भारत-रूस के बीच करीब 40 हजार करोड़ रुपए की डिफेंस डील होगी। इसके तहत भारत रूस से पांच 'S-400 एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम' और 200 'कामोव केए-226 टी' हेलिकॉप्टर खरीदेगा। 40 हेलिकॉप्टर रूस से आएंगे। बाकी देश में बनेंगे। वहीं, S-400 डिफेंस सिस्टम में 400 किमी दूर से आ रहे टारगेट को ट्रैक करने की कैपिसिटी रहेगी। यह पाकिस्तान या चीन की 36 न्यूक्लियर पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइलों को एक वक्त में एक साथ टारगेट कर सकेगा। यह सिस्टम इंडियन आर्मी को जबर्दस्त शील्ड देगा। सीरिया में तैनात है यह सिस्टम...
1. सीरिया में है S-400 एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती
- रूस की न्यूज एजेंसी TASS ने पुतिन के करीबी यूरि उशाकोव के हवाले से बताया कि S-400 रूस का सबसे एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम है। भारत ने 5 सिस्टम खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। इसकी कॉस्ट 33 हजार करोड़ रुपए होगी। इस सिस्टम से 3 तरह की मिसाइलों को दागा जा सकता है।
- S-400 एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम से मिसाइलों, ड्रोन और यहां तक कि फाइटर प्लेन्स को भी निशाना बनाया जा सकेगा। रूस ने इस सिस्टम को सीरिया में तैनात कर रखा है।
- यह डिफेंस सिस्टम एक तरह से मिसाइल शील्ड का भी काम करेगा। यह पाकिस्तान या चीन की न्यूक्लियर पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइलों से भारत को शील्ड देगा।
- इसके पास अमेरिका के सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट एफ-35 को गिराने की भी कैपिसिटी है।
- सौदा होता है तो चीन के बाद इस सिस्टम को खरीदने वाला भारत दूसरा देश होगा।
2. भारत में ही बनेंगे कामोव केए 226 टी हेलिकॉप्टर, 40 रूस से आएंगे
- कामोव-226 टी के 200 हेलिकॉप्टर भारत को मिलेंगे। 40 रूस से आएंगे। बाकी देश में ही बनेंगे। - इससे नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट मेक इन इंडिया को बड़ा बूस्ट मिल सकता है।
- यह एक लाइट वेट मल्टी परपज हेलिकॉप्टर है। यह मिलिट्री ऑपरेशन्स और नैचुरल डिजास्टर के दौरान बेहद काम आता है।
- यह 8.6 मीटर लंबा, 3.2 मीटर चौड़ा और 4.1 मीटर ऊंचा है। छोटा होने से लिमिटेड स्पेस में लैंड या टेकऑफ कर सकता है।
- हेलिकॉप्टर में सात पैराट्रूपर के बैठने की जगह है। ये 3500 kg तक सामान ले जा सकता है।
- यह एडवांस नेविगेशन सिस्टम से लैस है। कम शोर के कारण यह खुफिया मिशन के लिए बहुत कारगर है।
3. और क्या है प्लानिंग?
- यूरि उशाकोव ने बताया कि इंडियन नेवी के लिए 11356 जंगी जहाज तैयार करने पर भी एक समझौता करने की योजना है।
- इसके अलावा, कामोव Ka-226T हेलिकॉप्टर बनाने के लिए भारत के साथ एक ज्वाइंट वेंचर बनाने की भी प्लानिंग है।
- पुतिन और मोदी बातचीत के नतीजों को देखते हुए बाद में एक ज्वाइंट स्टेटमेंट भी जारी कर सकते हैं।
- इससे कई ग्लोबल और रीजनल इश्यू को सॉल्व करने पर साझा सहमति पर मुहर लगेगी।
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