वॉशिंगटन. प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी शुक्रवार दोपहर न्यूयॉर्क पहुंच जाएंगे। इससे पहले वे 1993 में अमेरिका गए थे। पर 2005 में बतौर सीएम नहीं जा पाए थे। अमेरिका ने वीजा नहीं दिया था। अब पीएम हैं तो वीजा की जरूरत नहीं है। बतौर पीएम मोदी की चार माह में 5वीं विदेश यात्रा है।
पहला दिन: मोदी 26 सितंबर को भारतीय समयानुसार दोपहर 12 बजे न्यूयॉर्क पहुंचेंगे। यूएन की बैठक में शामिल होने जा रहे हैं, इसलिए एयरपोर्ट पर ओबामा सरकार के बजाय अमेरिका में भारतीय राजदूत अगवानी करेंगे। बाद में न्यूयॉर्क के मेयर बिल डे ब्लासियो मुलाकात करेंगे। मोदी कुछ भारतवंशी उद्योगपतियों से भी मिलेंगे।
दूसरा दिन: 27 सितंबर को सबसे पहले 9\\11 मेमोरियल जाएंगे। फिर शाम साढ़े सात बजे यूएन में हिंदी में भाषण देंगे। 37 साल पहले अटलजी भी हिंदी में बोले थे। मोदी कई राष्ट्राध्यक्षों से भी मिलेंगे। लेकिन पाक पीएम से शायद न मिलें।
तीसरा दिन: 28 सितंबर को रात 8.30 बजे मेडिसन स्क्वायर गार्डन में भाषण देंगे। वहां 10 हजार तिरंगे लगाए गए हैं। ‘स्वागत मोदी’ की टी शर्ट्स बांटी जा रही है। कार्यक्रम में पांच साल के बच्चे से 90 साल के बुजुर्ग तक शामिल होंगे। टाइम स्क्वेयर से भी स्पीच का प्रसारण होगा।
चौथा दिन: 29 सितंबर को मोदी बिल क्लिंटन और हिलेरी से मिलेंगे। फिर वॉशिंगटन के लिए रवाना हाेंगे। रात को व्हाइट हाउस में ओबामा के डिनर में जाएंगे। पर खाएंगे नहीं, क्योंकि मोदी उपवास पर हैं।
पांचवां दिन :30 सितंबर को ओबामा से आधिकारिक बातचीत होगी। 6 करार के आसार हैं। रोज गार्डन में प्रेस कान्फ्रेंस होगी। इसके बाद अमेरिकी सांसदों के साथ चाय पार्टी होगी। शाम को दिल्ली रवाना होंगे।
रवाना होने से पहले ओबामा की तारीफ
राष्ट्रपति ओबामा की जिंदगी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। हमारी यात्रा से बहुत सी दूरियां खत्म होंगी और राजनीितक रिश्तों का नया अध्याय जुड़ेगा। भारत के जैसे ही अमेरिका भी लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति आस्था रखता है। आतंकवाद को लेकर हमारी चिंता साझी है। -नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री