एडिनबरा। करीब 300 साल बाद स्कॉटलैंड आजाद होगा या नहीं इसका फैसला गुरुवार को होगा। स्कॉटलैंड के मतदाता यूनाइटेड किंगडम से अलग होने के जनमत संग्रह पर 'यस' या 'नो' पर मुहर लगाएंगे। पहला परिणाम रात दो बजे तक सकता है।
अंतिम परिणाम सुबह करीब छह बजे (भारतीय समयानुसार शुक्रवार सुबह 7:30 से 11:30 के बीच) आने की संभावना है। 'यस' और 'नो' दोनों के पक्ष में बुधवार देर रात तक प्रचार का माहौल गर्म रहा। ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन सहित कई बड़े नेता स्कॉटलैंड वासियों को आजादी से होने वाले नुकसान के बारे में बता गए। जबकि स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर (मुख्यमंत्री) एलेक्स सैलमंड आजादी के पक्ष में भारी माहौल बनाए हुए हैं।
इस जनमत संग्रह के लिए 15 अक्टूबर 2012 को एडिनबरा में कैमरन और सैलमंड के बीच समझौता हुआ था। मार्च 2013 में इसके लिए 18 सितंबर 2014 की तारीख तय हुई। इसका ब्यौरा 26 नवंबर 2013 को प्रकाशित हुआ। स्कॉटलैंड के लोगों को जीवनकाल में यह एक ही मौका मिलेगा।
ताजा सर्वे में 48 फीसदी ने कहा 'नो'
मतदान के पहले कई तरह के सर्वे हो चुके हैं। ताजा सर्वे के अनुसार 'यस' के पक्ष में 44 और 'नो' के पक्ष में 48 प्रतिशत मतदाता रहे। जबकि आठ प्रतिशत ने अभी तय नहीं किया है। पिछले सर्वे में आजादी की मांग करने वालों की संख्या ज्यादा थी। डेली टेलीग्राफ, आईसीएम और डेली मेल जैसे अखबारों ने मंगलवार को सर्वे जारी किए।