फोटो: खुफिया एजेंसी सीआईए द्वारा 9/11 आतंकी हमले के मास्टर माइंड खालिद शेख मोहम्मद पर वाटरबोर्डिंग की यातना दी गई थी। उसके चेहरे पर लगातार पानी डाला गया।
वॉशिंगटन। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए पकड़े गए लोगों को बुरी तरह यातना देती है। यह जानकारी विस्तार से मंगलवार को सीनेट में पेश की गई एक
रिपोर्ट में दर्ज है। इस खुलासे के बाद अमेरिकी संस्थानों पर आतंकी हमले का खतरा बढ़ गया है। दुनियाभर में अमेरिकी संस्थानों को अलर्ट कर दिया गया और वहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
अमेरिका को आशंका है कि रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद अमेरिकी दूतावासों एवं अन्य दफ्तरों पर हमले हो सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ‘बड़े खतरे' के कुछ ‘संकेतों' के कारण दूतावास और अन्य अमेरिकी संस्थान सावधानी बरत रहे हैं।
अमेरिकी सीनेट की इस रिपोर्ट में 9/11 की घटना के बाद अल कायदा के खिलाफ चलाए गए सीआईए के अभियान की जानकारी है। रिपोर्ट में सीआईए के एजेंटों के संदिग्ध व्यक्तियों से जानकारी उगलवाने के लिए आजमाए गए विवादास्पद तौर-तरीकों की भी जानकारी है। इसमें बताया गया कि संदिग्धों को स्ट्रेस पोजिशन में कई बार 180 घंटों से ज्यादा समय तक जागने के लिए मजबूर किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि सीआईए की सीक्रेट जेल में 119 संदिग्ध मौजूद हैं। इनमें से 26 को गलत तरीके से बंदी बनाया गया है।
9/11 आतंकी हमले के बाद के सालों में सीआईए ने अल कायदा के संदिग्ध आंतकियों से जानकारी निकलवाने के लिए बर्बर यातनाएं दी हैं। इस रिपोर्ट में कुछ खास बातों का खुलासा हुआ।
> संदिग्ध बंधकों के सिर पर तौलिया डालकर पानी डालना, थप्पड़ मारना, घंटों तक न सोने देना और स्ट्रेस पोजिशन में रखना।
> सऊदी अल कायदा संदिग्ध अबु जुबायदाह को ताबूत के आकार के बॉक्स में घंटों तक बंद रखा।
> संदिग्धों को शारीरिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जाती है।
यातना देकर भी नहीं मिल पाई सूचना
रिपोर्ट में यह भी माना गया है कि कई मामलों में कड़ी यातना देने पर भी सीआईए जानकारी निकलवा पाने में विफल रही। रिपोर्ट में क्या सार्वजनिक किया जाए और क्या नहीं, इसे लेकर अमेरिका में असहमति के कारण यह रिपोर्ट जारी किए जाने में देर हुई है।
क्या सामने आया
सीआईए के यातना देने के तरीके पहले से समझे जा रहे तरीकों से भी क्रूर थे। इन तरीकों से जिनसे पूछताछ हो रही है, उनकी मौत होने की भी किसी को चिंता नहीं थी। सीआईए के अफसर पूछताछ के बारे में व्हाइट हाउस को भी सही जानकारी नहीं देते थे।
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