हमलावर कैफे की खिड़की के जरिए यह काला झंडा दिखा रहा है। इसका जो हिस्सा बाहर नजर आ रहा है, उसमें केवल एक लाइन लिखी हुई दिखाई दे रही है- शहादा मोहम्मद। इसका मतलब यह हुआ कि मोहम्मद ही एक मात्र ऐसे हैं जो इबादत (पूजा) के काबिल हैं।
मेलबर्न की मोनाश यूनिवर्सिटी में आतंकी मामलों के जानकार ग्रेग बर्टन के मुताबिक, पक्के तौर पर तो नहीं कहा जा सकता कि ये ध्वज किस आतंकी संगठन का है, लेकिन ये यह आईएसआईएस के किसी सहयोगी जिहादी ग्रुप का हो सकता है।
अरबी में क्या लिखा है झंडे पर
झंडे पर अरबी भाषा में लिखा है, ‘अल्लाह से बेहतर कुछ नहीं हो सकता, मोहम्मद अल्लाह के दूत हैं।'
तस्वीर में जो झंडे दिख रहे हैं, उसके बारे में नीचे पढ़ें:
1. तस्वीर में एक नंबर में दिखाया गया झंडा वही है जो मार्टिन प्लेस पर फहराया गया है और इसका इस्तेमाल हिज्ब उज तहरीर संगठन करता है। यह वैश्विक इस्लामी संगठन है। इसके एक सदस्य ने कुछ समय पहले एबीसी चैनल को एक भड़काऊ इंटरव्यू दिया था।
2. यह वो झंडा है जिसका उपयोग आईएसआईएस, अल कायदा और सोमालिया का आतंकी संगठन अल शवाब करते हैं।
3. यह वो फ्लैग है जिसका इस्तेमाल सीरियाई विद्रोही गुट नुसरा फ्रंट या जमात अल नुसरा करते हैं।
4. यह तालिबान के इस्लामिक एमिरेट्स का झंडा है। तालिबान ने 1996 से 2001 तक अफगानिस्तान में शासन चलाया है।
5. यह सउदी अरब का फ्लैग है।
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