लंदन. एक प्रमुख ब्रिटिश दैनिक “द इंडिपेंडेंट’ अपने अखबार में “मुंबई’ की जगह “बॉम्बे’ लिखेगा। अखबार ने यह कदम संकीर्ण हिंदू राष्ट्रवाद के खिलाफ खड़ा होने के लिए उठाया है। इसके एडिटर अमोल राजन ने बीबीसी रेडियो से बातचीत में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा, “बॉम्बे का असली अभिप्राय एक खुले, कॉस्मोपॉलिटन पोर्ट सिटी से है जो भारत का प्रवेश द्वार है।और यह पूरी दुनिया के लिए खुला हुआ है।
अगर आप इसे उस नाम से पुकारते हैं जैसा कि हिंदू राष्ट्रवादी आपसे चाहते हैं, तो निश्चित तौर पर आप उनका काम करते हैं।’ शिवसेना के दबाव की वजह से 1995 में आधिकारिक तौर पर शहर का नाम मुंबई रखा गया था।
अमोल राजन ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘बतौर एक पत्रकार और न्यूजपेपर में एडिटिंग का काम करने वाले एक शख्स के तौर पर यह बहुत जरूरी है कि हम अपनी शब्दावली को लेकर काफी स्पष्ट रहें।
मैं भारत की उस विरासत के साथ होना चाहूंगा, जो दुनिया भर के लिए खुली हुई है ना कि उसके साथ जो संकीर्ण है और फिलहाल उफान पर है।’
32 वर्षीय राजन ने कहा कि उपनिवेशवाद के बाद के भारत की परंपरा देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और महात्मा गांधी के विचारों के अनुरूप खुली हुई, सेक्युलर, सबको साथ लेकर चलने वाली और सहनशील है।
उन्होंने कहा कि इसमें हिंदू राष्ट्रवाद का थोड़ा सा खराब झुकाव भी है और इसलिए यह जरूरी है कि भारत की असली संस्कृति का सम्मान किया जाए।