फोटो: नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई और कैलाश सत्यार्थी।
इंटरनेशनल डेस्क। नोबेल प्राइज दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है। हर साल छह कैटेगरी में इस पुरस्कार से लोगों को सम्मानित किया जाता है। 2014 के नोबेल प्राइज विजेताओं को बुधवार को सम्मानित किया गया। हर साल की तरह इस साल भी दो अलग-अलग जगहों पर इन विजेताओं को पुरस्कार दिया गया। पुरस्कार देने का फैसला स्वीडिश और नार्वेजियन कमिटी करती है।
शांति का नोबेल जीतने वाले विजेताओं को नार्वे के ओस्लो में पुरस्कार दिया गया, जबकि बाकी विजेताओं को स्वीडन के स्कॉटहोम में नोबेल से पुरस्कार के सम्मानित किया गया। सभी विजेताओं को गोल्ड मेडल, एक डिप्लोमा और पुरस्कार की राशि दी गई। यहां हम नोबेल प्राइज के उन विजेताओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें इस बार सम्मानित किया गया है।
शांति का नोबेल
विजेता: कैलाश सत्यार्थी और मलाला यूसुफजई
11 जनवरी, 1954 को जन्मे और गांधीवादी परंपरा को मानने वाले कैलाश सत्यार्थी मध्य प्रदेश के विदिशा के रहने वाले हैं। उनके संगठन 'बचपन बचाओ आंदोलन' ने अभी तक करीब 80 हजार बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त करवाया है। सत्यार्थी लंबे समय से बच्चों को बाल मजदूरी से हटाकर उन्हें शिक्षा अभियान से जोड़ने की मुहिम चलाते रहे हैं।
वहीं, 17 साल की मलाला ने बहुत कम उम्र में ही लड़कियों की शिक्षा के पक्ष में आवाज उठाई थी, क्योंकि तब स्वात पर तालिबान के कब्जे के बाद सारे स्कूल बंद कर दिए गए थे। मलाला को आवाज उठाने की कीमत चुकानी पड़ी और स्कूल से लौटते समय आतंकियों ने उन पर हमला कर दिया। आतंकियों ने मलाला के सिर में गोली मार दी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए लंदन लाया गया और अब वह लड़कियों की शिक्षा को लेकर पूरी दुनिया का चेहरा बन चुकी हैं।
आगे जानिए, बाकी नोबेल प्राइज विजेताओं और उनके काम के बारे में...