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पाक में आतंकियों की धरपकड़, संगठनों में खलबली

9 वर्ष पहले
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लाहौर. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पुलिस ने प्रतिबंधित लश्कर ए झांगवी और सिपह ए सहबा पाकिस्तान के उग्रवादियों की धरपकड़ शुरू की और 50 से अधिक उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है।
यह धरपकड़ अल्पसंख्यक शिया समुदाय पर आतंकी हमलों के सिलसिले में शुरू की गई। पंजाब के दक्षिणी भाग में यह अभियान चलाया गया जहां लश्कर ए झंगवी और जैश ए मोहम्मद जैसे उग्रवादी गुटों के गढ़ हैं।
शुक्रवार को पुलिस ने लश्कर ए झंगवी के प्रमुख मलिक इसहाक को रहीम यार खान जिले में उसके घर से गिरफ्तार किया। पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि लश्कर ए झंगवी और सिपाह ए सहबा पाकिस्तान के 50 से अधिक उग्रवादियों को झंग, टोबा टेक सिंह, फैसलाबाद और लाहौर सहित प्रांत के अलग अलग भागों से गिरफ्तार किया गया है।
नाम जाहिर न करने के अनुरोध पर अधिकारी ने बताया ‘इन लोगों को ‘मेन्टेनेन्स ऑफ पब्लिक ऑर्डर लॉ’ के तहत एक माह के लिए हिरासत में लिया गया है। धरपकड़ जारी रहेगी।’ हिरासत में पकड़े गए लोगों में अब्दुर राउ मोआवाइया, मोहम्मद शफीक और आसिफ मोआइया भी हैं।
लश्कर ए झंगवी और सिपाह ए सहाबा पाकिस्तान का एक अग्रणी गुट समझे जाने वाले अहल ए सुन्नत वल जमात (एएसडब्ल्यूजे) ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा है कि हिरासत में लिए गए ज्यादातर लोग उसके सदस्य हैं।
एएसडब्ल्यूजेड के नेता मौलाना मोहम्मद ओवैस ने दावा किया कि शियाओं को खुश करने के लिए उनके गुट के लोगों को पकड़ा गया है। लश्कर ए झंगवी ने पश्चिमोत्तर शहर क्वेटा में हुए दो भीषण बम हमलों की जिम्मेदारी ली थी। इन हमलों में करीब 200 लोग मारे गए थे जिनमें ज्यादातर लोग शिया हाजरा थे।
इन हमलों का देशव्यापी विरोध किया गया और बलूचिस्तान में गवर्नर का शासन लागू कर दिया गया। यह धरपकड़ इसलिए शुरू की गई क्योंकि गृह मंत्री रहमान मलिक ने पंजाब में पीएमएल-एन सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर प्रांतीय सरकार ने लश्कर ए झंगवी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो वह प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। मलिक ने कहा कि लश्कर ए झंगवी का मुख्य आधार पंजाब में है और प्रांत में उसके करीब 3,000 सदस्य हैं।
पाक तालिबान ने फिर की बातचीत की पेशकश
पाकिस्तानी तालिबान पीएमएल-एन प्रमुख नवाज शरीफ सहित तीन राजनीतिक नेताओं से शांति वार्ता के लिए गारंटर बनने की खातिर सीधे संपर्क करेगा क्योंकि उसने सरकार के साथ बातचीत के लिए फिर से पेशकश की है। प्रतिबंधित तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान की शूरा (परिषद) की शनिवार को हुई बैठक में फैसला किया गया कि शरीफ, जमायत उलेमा ए इस्लाम के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान और जमात ए इस्लामी के नेता मुनव्वर हसन से सीधे संपर्क करना चाहिए।