कीव। यू्क्रेन में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने राजधानी कीव की सड़कों पर पहले से ज्यादा बेरिकेड्स खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच से विपक्ष के नेताओं की दूसरे दौर की वार्ता विफल होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने ये कदम उठाया है। बातचीत से कोई हल ना निकलने की वजह से ही पिछले दो महीने से देश में अशांति के हालात बने हुए हैं।
विपक्षी नेता विताली लिस्को का कहना है कि गुरुवार शाम हुई दूसरे दौर की वार्ता में यानुकोविच की ओर से कोई सार्थक जवाब नहीं मिला और इस गतिरोध के चलते अभी आगे और रक्तपात हो सकता है।
यूक्रेन में राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन हिंसक होते जा रहे हैं। कीव में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में बुधवार को 3 लोगों की मौत हो गई थी। यूक्रेन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी है कि 10 फीट की दूरी बनाए रखें। ऐसा ना करने पर पुलिस ठोस कदम उठाने पर मजबूर होगी।
इधर, यूक्रेन के प्रधानमंत्री मिकोला अजारोव ने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि सुरक्षाकर्मी बल प्रयोग कर सकते हैं। अगर लोग सरकार की बात नहीं मानेंगे तो मजबूरन अधिकारियों को ऐसे नए कानूनों का सहारा लेना पड़ेगा जो विवादास्पद हैं और जो देश में बड़े स्तर पर प्रदर्शनों पर रोक लगाते हैं। विपक्षी नेताओं को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि रक्तपात की कोई नौबत ही नहीं आए।
वहीं, प्रदर्शनकारियों के नेता विताली लिस्को ने कहा कि जब तक सरकार दोबारा चुनाव करवाने की घोषणा नहीं कर देती, तब तक कीव में प्रदर्शन जारी रहेंगे। इधर, रूसी विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव ने स्थिति को दहशतपूर्ण और यूरोपीय नियमों का घोर उल्लंघन बताया है।
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