फाइल फोटो: इंडोनेशिया में समलैंगिक संबंध पर मिलती कोड़े की सजा, जो मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
इंटरनेशनल डेस्क। मानवाधिकार से मतलब मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता से है, जिसके सभी मनुष्य हकदार हैं। इन्हीं अधिकारों की लड़ाई को मजबूत बनाने के लिए हर साल 10 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। 1950 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में घोषणा के साथ इस दिन की शुरुआत हुई। 1948 में 10 दिसंबर को ही संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानवाधिकारों पर एक सार्वभौम घोषणापत्रा जारी किया, जो मनुष्य के अधिकारों के बारे में बताता है। यहां हम इस घोषणापत्र में जारी उन 30 अधिकारों के बारे में ही बताने जा रहे हैं, जिनसे अक्सर लोग अनजान होते हैं।
1. सभी मनुष्य गरिमा और अधिकार के मामले में स्वतंत्र और बराबर हैं।
2. हर व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के सभी तरह के अधिकार और स्वतंत्रता दी गई है। जाति, रंग, लिंग, भाषा, धर्म, राजनीतिक या अन्य विचार, राष्ट्रीयता, संपत्ति, समाज जैसी बातों को लेकर किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जा सकता है।
3. हर मनुष्य को जीवन, आजादी और सुरक्षा का अधिकार है।
आगे जानिए बाकी 27 अधिकारों के बारे में...