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रेस्‍टोरेंट में बच्‍चे से बोतल में कराया पेशाब

9 वर्ष पहले
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ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कोहिनूर हीरे को भारत को लौटाए जाने की मांग को एक बार फिर खारिज कर दिया है। भारत दौरे पर आए कैमरन ने कहा, 'कोहिनूर हमारा है और हम लौटाने पर यकीन नहीं करते।' कैमरन ने 1919 में हुए जलियांवाला बाग हत्‍याकांड को शर्मनाक बताते हुए शहीद स्‍मारक पर श्रद्धांजलि दी है। कैमरन जलियांवाला बाग आने वाले पहले ब्रिटिश पीएम हैं।
कोहिनूर पिछले डेढ़ सौ वर्षों से ब्रिटेन के शाही रत्‍न भंडार में रखा हुआ है। भारत की किसी खदान से निकले कोहिनूर हीरे को ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1849 में अपने कब्ज़े में लेने के बाद उसे उपहार के तौर पर महारानी विक्टोरिया को दे दिया था। भारत लंबे समय से 105 कैरेट के इस हीरे को वापस किए जाने की मांग करता रहा है।

महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने कहा था कि ब्रिटेन को अपने औपनिवेशिक अतीत के पश्चाताप के तौर पर कोहिनूर को लौटा देना चाहिए।

कोहिनूर हीरे को अंतिम बार महारानी एलिज़बेथ की मां 'क्वीन मदर' ने पहना था। 2002 में क्वीन मदर का निधन होने के बाद कोहिनूर को उनके ताज के साथ उनके ताबूत पर रखा गया था।
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