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वाशिंगटन. अमेरिका के उत्तर-पूर्वी इलाके में बर्फीले तूफान का कहर बरकरार है। बुधवार को लगातार बर्फबारी के चलते कुछ जगहों पर 15 इंच तक बर्फ जम गई। कड़ाके की ठंड के चलते कई इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए और कई उड़ानें रद्द कर दी गईं।
स्थानीय पुलिसकर्मी ने बताया कि एमिट्सवर्ग के पास ठंड के चलते दो लोगों की मौत भी हुई है, जिसकी वजह से सड़क पर कुछ समय के लिए जाम के हालात बन गए। बताया जा रहा है कि फिसलती बर्फ में ड्राइवर ने गाड़ी पर अपना नियंत्रण खो दिया और ट्रैक्टर-ट्रेलर में भिड़ंत हो गई। वहीं, वर्सेल्स में एक महिला की कार बर्फ पर फिसलते हुए पेड़ से जा टकराई। इसी बीच, बर्फीले तूफान की वजह से गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है जिसके कारण नेचुरल गैस के दाम में इजाफा हो गया है। गैस के दाम का असर बिजली के दामों पर भी पड़ा है। थोक भाव की बिजली के दाम भी बढ़ गए हैं।
फिलाडेल्फिया, न्यूजर्सी समेत तमाम जगहों पर तेज ठंड और भारी बर्फबारी के चलते बुधवार को स्कूल बंद रहे। इधर, न्यूयॉर्क में हालात थोड़े सामान्य हो गए हैं। हालांकि, बर्फबारी के चलते सेंट्रल पार्क में 11 इंच तक बर्फ जमी हुई है। बर्फ न हटाए जाने को लेकर नए मेयर बिल डी ब्लासियो के खिलाफ लोगों ने भेदभाव की शिकायतें भी की हैं।
मैनहट्टन के पूर्वी हिस्से में रहने वाले कुछ लोगों ने भी ये शिकायत की है कि उनके इलाकों में सड़कों पर से बर्फ हटवाने को लेकर मेयर जरा भी गंभीर नहीं हैं। मेयर का कहना है कि स्थानीय लोगों और पास-पड़ोस के लोगों से बातचीत की गई है और काफी इलाकों को साफ कर दिया गया है, बाकी इलाकों में भी सफाई के लिए टीमें तैनात हैं।
दरअसल, बर्फबारी ने न्यूयॉर्क के मेयर के लिए हमेशा मुश्किलें खड़ी की हैं। 1969 में भयानक बर्फबारी के चलते तत्कालीन मेयर जॉन लिंडसे राजनीतिक संकट का शिकार हो गए थे। वहीं, साल 2010 में मेयर माइकल ब्लूमबर्ग को बर्फीले तूफान से निपटने में असमर्थ होने के कारण लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा था।
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