ऑस्टिन। अपनी गर्लफ्रेंड के 9 वर्षीय बच्चे को यातना देने और भूखे मारने की दोषी महिला को बुधवार शाम मौत की सजा दी गई। टेक्सास अपराध विभाग के अधिकारियों ने 38 वर्षीय लीजा कोलमैन को पेंटोबार्बिटल का इंजेक्शन दिया। इंजेक्शन देने के 12 मिनट बाद शाम 6 बजकर 24 मिनट पर उसकी मौत हो गई।
मरने से पहले कोलमैन ने डेथ चैंबर की खिड़की पर मौजूद अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को बाय कहा। उसने कहा, "मैं पूरी तरह ठीक हूं। मेरे घरवालों को बताना कि मैंने हिम्मत से मौत का सामना किया। ईश्वर महान है।"
लेथल इंजेक्शन का प्रभाव शुरू होने से पहले कोलमैन, अपने रिश्तेदारों की ओर देखकर मुस्कुराई और उसने कहा, "मैं आप सभी से प्यार करती हूं।"
क्या था मामला
कोलमैन को अपनी गर्लफ्रेंड के बेटे, डेवोंटी विलियम्स की मौत के दोष में सजा सुनाई गई थी। जुलाई 2004 में उत्तरी टेक्सास के एक अपार्टमेंट से बच्चे का शव मिला था। कोलमैन इस अपार्टमेंट में अपनी मां मार्केला विलियम्स के साथ रहती थी।
बच्चे के शव की जांच करने वाले चिकित्सकों के अनुसार, 9 वर्षीय मृतक का वजन मात्र 16 किलो था। इस उम्र के किसी भी सामान्य बच्चे का वजन इससे दुगुना होता है। पोस्टमार्टम करने वाले एक डॉक्टर के अनुसार, बच्चे के शरीर पर चोट के 250 निशान थे। उसे सिगरेट व सिगार से जलाया गया था और भूखे रहने के कारण उसके शरीर का विकास रुक गया था।
अभियोजन पक्ष के वकील डिक्सी बर्सानो के अनुसार, बच्चे के शरीर का एक इंच का भी हिस्सा ऐसा नहीं था, जिसपर चोट या खंरोच के निशान न हों। वहीं, कोलमैन के वकील ने बताया कि बच्चे की मौत महज एक दुर्घटना थी। उन्होंने बताया कि बच्चे की मानसिक स्थित ठीक नहीं थी और कोलमैन व उसकी मां के लिए उसे संभालना मुश्किल हो रहा था।
सन् 2006 में टेरेंट काउंटी ज्यूरी द्वारा कोलमैन को मौत की सजा सुनाई गई। हालांकि, उसकी मां ने इसे उम्रकैद में बदलने की अपील की, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
कोलमैन, इस साल टेक्सास में लेथल इंजेक्शन से मौत की सजा पाने वाली नौंवी अपराधी हैं। सन् 1976 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मौत की सजा जारी रखने के फैसले के बाद 15 महिलाओं को सजा-ए-मौत दी जा चुकी है। वहीं, इस दौरान करीब 1,400 पुरुषों को सजा-ए-मौत दी जा चुकी है।