(ग्रीस की रॉसानोऊ मॉनेस्ट्री)
इंटरनेशनल डेस्क। दुनियाभर में आज वर्ल्ड टूरिज्म डे मनाया जा रहा है। 1980 में यूनाइटेड नेशन वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गनाइजेशन ने इस दिन की शुरुआत की। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय समुदाय में पर्यटन की भूमिका को लेकर लोगों में जागरूकता लाना है। साथ ही, ये बताना है कि पर्यटन किस तरह सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक मूल्यों को प्रभावित करता है। इसे हर साल अलग-अलग थीम पर मनाया जाता है।
इस बार की थीम लाखों टूरिस्ट और लाखों संभावनाएं (मिलियन ऑफ टूरिस्ट, मिलियन ऑफ अपॉर्च्युनिटीज) हैं। वर्ल्ड टूरिज्म डे के मौके पर हम दुनियाभर की कुछ अजीबोगरीब जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो न सिर्फ प्रकृति और इंसान के बीच के रिश्तों को दिखाता है, बल्कि इनके बारे में जानकर ये विश्वास भी हो जाएगा कि इंसान कहीं भी रह सकता है।
रॉसानोऊ मॉनेस्ट्री, ग्रीस
ग्रीस के थेसले इलाके में खंभेनुमा खड़ी पहाड़ी पर मौजूद है ये रॉसानोऊ मॉनेस्ट्री। 1545 में इसका दोबारा निर्माण कराया गया। इसे दो भाइयों मैक्सिमोस और लोआस्फ ने मिलकर बनाया। इसमें चर्च, गेस्ट क्वार्टर, रिसेप्शन हॉल और डिस्प्ले हॉल समेत रहने की व्यवस्था है।1800 में लकड़ी का पुल बनने के बाद से यहां पहुंचना आसान हो गया है। रॉसानोऊ मॉनेस्ट्री 1988 से ननों के एक छोटे से समूह के रहने का ठिकाना बन चुका है।
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