इंटरनेशनल डेस्क। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारतीय प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के बीच शिखर वार्ता में सीमा विवाद का मुद्दा छाया रहा। जिनपिंग का कहना है कि सीमा विवाद से दोनों देश लंबे समय से परेशान हैं। दोनों को सीमा पर लकीरें खींचने की जरूरत है। दोनों देशों की मीडिया की नजर जिनिपिंग के दौरे पर है। भारतीय मीडिया जहां सीमा विवाद का मुद्दा उठा रहा है। वहीं, चीनी मीडिया में व्यापार और विकास का मुद्दा छाया हुआ है।
चाइना पीपुल्स डेली (चीन का सरकारी अखबार)
चीनी सरकार के अखबार चाइना पीपुल्स डेली का मानना है कि चीनियों के सपने भारतीय सपनों के साथ जुड़े हुए हैं। अखबार ने चीनी राष्ट्रपति के दौरे से पहले भारतीय मीडिया की सकारात्मक खबरों को तारीफ की है। अखबार ने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं कि भारत-चीन की आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी में बहुत क्षमता है। चीन, भारत का दूसरे सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। बीते महीने ब्राजील में हुए ब्रिक्स सम्मेलन में जिनपिंग ने मोदी से कहा था कि जब भारत-चीन बोलते हैं कि पूरी दुनिया सुनती है। दोनों देश लंबे समय तक प्रतिद्वंद्वी होने के बजाय रणनीतिक साझेदार बन सकते हैं। (
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