- Hindi News
- कर्मियों की कमी के बावजूद किया जा रहा है स्थानांतरण
कर्मियों की कमी के बावजूद किया जा रहा है स्थानांतरण
{ कर्मियों के ताबदले के कारण लोगों को होती है परेशानी
आनंदकेरवार|बोकारो
राज्यसरकार बड़ी-बड़ी घोषणाएं करती हैं। सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने का वादा भी करती है, परन्तु सरकारी कार्यालय में स्वीकृद पद के अनुरूप कर्मी नहीं होने के कारण एक कर्मी दो-तीन कार्यों के प्रभार में रहते हैं। इससे कर्मियों पर काम का बोझ बढ़ता है और सरकार द्वारा घोषित योजनाएं समय पर पूरा नहीं हो पाता है। सरकारी कार्यालयों में कर्मियों की कमी होने के कारण आम आदमी भी परेशान रहते हैं। एक काम के लिए उन्हें महीनों सरकारी दफ्तर का चक्कर लगाना पड़ता है। इतना ही नहीं जिले के वरीय अधिकारी प्रखंड अंचल के कर्मियों को प्रतिनियुक्ति में अपने पास बुला लेते हैं। इससे प्रखंड अंचल का काम प्रभावित होता है। इस ओर सरकार जिला प्रशासन का ध्यान नहीं जाता है। जिला प्रशासन अगर मस्टर रोल अथवा चतुर्थ श्रेणी पद पर बहाली अपने स्तर से करता तो यहां का विकास कुछ और दिखाई देता। परन्तु यहां जिला स्थापना समिति कर्मियों की कमी के बावजूद जब मन हुआ कर्मियों का स्थानांतरण कर देता है। इससे विभागीय कार्य में बाधाएं आती हैं और आम लोग परेशान भी होते हैं। लोगों को अपने काम के लिए कार्यलयों का चक्कर लगाना पड़ता है। इसके बावजूद जिला स्थापना समिति कर्मियों का स्थानांतरण कर देता है।
जीर्णशीर्ण हो गया है अंचल कार्यालय भवन
अंचलसे प्रतिवर्ष लाखों रुपए की राजस्व वसूली होती है। इसके बावजूद इस कार्यालय का भवन जीर्णशीर्ण अवस्था में है। इसकी मरम्मत या नए भवन बनाने के लिए लिखित आग्रह के बावजूद कोई पहल नहीं की जाती है।
अंचल में क्या-क्या बनता है प्रमाण पत्र
अंचलकार्यालय में जमीन का नामांतरण, आवासीय, जाति, आय, पारिवारिक प्रमाण पत्र, रसीद काटना, विभिन्न जांच के आदेश, विभिन्न तरह के मामलों का निष्पादन, अंचल कार्यालय का न्यायालय, भू- स्वामित्व प्रमाण पत्र आदि कार्य प्रतिदिन बनाए जाते हैं।
अंचल से मिलता है चौकीदारों का वेतन
अंचलकार्यालय से विभिन्न गांवों के करीब 68 चौकीदारों को वेतन दिया जाता है। अंचल में करीब 89 चौकीदारों का पद स्वीकृत है। इसमें से अभी 68 चौकीदार पदस्थापित हैं। कर्मियों की कमी के कारण यहां इन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता है। इससे तंग आकर चौकीदार अंचल नाजिर और अंचलाधिकारी की शिकायत वरीय अधिकारियों से करते हैं। वरीय अधिकारी जल्दी वेतन भुगतान करने का आदेश देते हैं कि उन्हें यह नहीं दिखता कि एक कर्मी को कई काम करना पड़ता है। कर्मी कम रहने के कारण समय पर चौकीदारों को वेतन नहीं मिल पाता है। जिस कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। समय पर वेतन नहीं मिलने से चौकीदारों के मन में रोष में पैदा होता है और वे जिले के आधा अधिकारियों सये वेतन भुगतान की मांग करते हैं। अधिकारी वेतन भुगतान का आदेश तो दे देते हैं लेकिन वस्तु स्थिति की जानकारी नही लेते।
प्रतिनयुक्ति में हैं अंचल अमीन
चासअंचल का दुर्भाग्य है कि 176 राजस्व ग्राम वाले अंचल में एक भी अमीन पदस्थापित नहीं है। ऐसे यहां दो अमीन प्रतिनियुक्ति पर हैं। जो मूलरूप से भूदान अमीन हैं। यहां अमीन का एक पद स्वीकृत है। इसके बावजूद भी यहां अमीन का प्रतिनियुक्ति किया गया है। चास के राजस्व कर्मचारियों को दूसरे कार्यों में लगा दिया जाता है। इससे भी अंचल के कार्य समय पर नहीं हो पाते हैं।
कम कर्मी के बावजूद एक कर्मी का किया स्थानांतरण
जिलेके चास अंचल में कर्मियों की कमी है। स्वीकृत पद के अनुसार यहां कर्मी नहीं है। इसके बावजूद यहां के दो कर्मी अभी दूसरे जगह प्रतिनियुक्ति में हैं। दो कर्मी के प्रतिनियुक्ति में रहने के बावजूद इस बार की स्थापना समिति की बैठक में चास अंचल के कर्मी का स्थानांतरण बेरमो कर दिया गया। स्थानांतरण करने के बाद उसके जगह किसी को पदस्थापित नहीं किया गया। कर्मियों की कमी के कारण अंचल कार्यालय में कामों का निपटारा समय पर नहीं हो पाता है। इसके लिए अंचलाधिकारी ने कई बार उपायुक्त को पत्र भी लिखा।
परेशानी करते हैं दूर
^अर्द्धशहरी अंचल होने से काम में परेशानी होती है। इसके बावजूद लोगों की समस्याओं को दूर किया जाता है। प्रतिदिन सैकड़ों आय, आवासीय, जाति प्रमाण पत्र बनाना पड़ता है। अंचल में अनुभव सहायक नहीं होने के कारण भी काफी परेशानी होती है। कर्मियों का टोटा है इसके बावजूद समय देकर लोगों के काम पूरे करने पड़ते हैं। इतना ही नहीं कुछ कामों को आवास पर भी करना पड़ता है। कहीं विधि व्यवस्था का मामला आता है तो उसमें भी वरीय अधिकारी प्रतिनियुक्त कर देते हैंं।’’ निर्मलकुमार टोप्पो,अंचलाधिकारी।
चास का प्रखंड सह अंचल कार्यालय।