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जन्म से ही मिला है मानवाधिकार : विश्वजीत

7 वर्ष पहले
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अधिकारमान मर्यादा ऐसे नैतिक गुण हैं जो मनुष्य को जन्म से ही प्राप्त होते हैं। यही नैतिक गुण व्यवस्थित तथा स्पष्ट रूप में मानवाधिकार कहलाता है। यह कहना है विश्वजीत कुमार का। वे जिला बार एसोसिएशन बोकारो परिसर में अमनदीप ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट की ओर से मानवाधिकार दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मानवाधिकार वही अधिकार है जो जन्म से ही प्राकृतिक तौर से मिले हुए हैं जिनके बगैर मानव रह ही नहीं सकता है। इससे पूर्व अधिवक्ता मनोज कुमार ने कहा कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष भारतीय जीवन के मूलमंत्र हैं। इनकी प्राप्ति ही मनुष्य का चरम ध्येय है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी प्रतिष्ठा और स्वतंत्रता के साथ साथ दूसरे व्यक्तियों के साथ भी भातृत्व के भाव से रहे तो वसुधैव कुटुंबकम् तथा साथ साथ रहकर सर्वे भवंतु सुखिन: की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। इस अवसर पर पुष्प रंजन, इंद्रजीत, अमरनाथ, राजीव, चंद्रकांत, प्रेम, वासुदेव, सुरेश, रंजीत, हीरालाल, श्रीधर, हरेंद्र, गिरीश, संजीत सहित अन्य लोग उपस्थित थे। चास स्थित महावीर चौक में इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन की ओर से विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया गया। इसकी अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन बोकारो के निदेशक सह अधिवक्ता कृष्ण कुमार सिंह ने की।

मानव तस्करी के सबसे ज्यादा मामले झारखंड में : गिरि

इंडियनएसोसिएशन ऑफ लायर्स, पीपुल्स फॉर जस्टिस और बोकारो एडवोकेट क्लब के संयुक्त तत्वावधान में विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रणजीत गिरि ने कहा कि पूरे भारत में लगभग 42012 मामले मानवाधिकार के तहत दर्ज किए गए औऱ् इनमें से सर्वाधिक मानव तस्करी के मामले झारखंड राज्य में पाए गए। रणजीत गिरि ने कहा कि राज्य में मानव तस्करी तभी जाकर रूकेगी जब यहां के सभी लोगों को अपने अधिकार के बारे में जानकारी प्राप्त होगी। बिना जानकारी के ऐसा होना संभव नहीं हो पाएगा।

मानवाधिकार दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग।