आरोपी को 10 साल का सश्रम कारावास
अपरजिला एवं सत्र न्यायाधीश सह फास्ट ट्रैक कोर्ट बबीता प्रसाद की अदालत ने दुष्कर्म के प्रयास में आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोपी पिंड्राजोरा निवासी संतोष दास को 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। माराफारी कांड संख्या 05/13 के तहत दर्ज कराए गए मामले में कहा गया है कि मृतका का पति (काल्पनिक नाम) सुखदेव बाहर रह कर कमाता था। उसके बाहर रहने पर पिंड्राजोरा निवासी संतोष जो सुखदेव का दोस्त था और उसके उसके पड़ाेस में ही रहता था। वह उसके घर आता जाता था। इसी बीच कुछ दिनों से संतोष ने सुखदेव की प|ी पर संबंध बनाने का दवाब देने लगा। इससे क्षुब्ध हो उसकी प|ी ने अपने शरीर में आग लगाकर इहलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद माराफारी थाना ने मामला दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार किया। सुनवाई करते हुए बबीता प्रसाद की अदालत ने संतोष को धारा 306 के तहत 10 वर्ष की सश्रम कारावास, धारा 506 के तहत 3 वर्ष की सश्रम कारावास तथा 4 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। साथ ही कोर्ट ने जुर्माना की राशि में से तीन हजार रुपये मृतका के बच्चे को भी देने का आदेश किया है। जुर्माना की राशि नहीं देने पर 4 महीने की सजा बढ़ जाएगी।