बोकारो। झारखंडमें विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं, लेकिन पिछले चुनाव से इस बार का चुनाव भिन्न है। पिछले 14 वर्ष के कार्यकाल से सीख लेते हुए इस बार विचार करने की जरूरत है। झारखंड के साथ अस्तित्व में आए अलग राज्य छत्तीसगढ़ उत्तराखंड विकास के क्षेत्र में काफी आगे निकल गए हैं जबकि देश का 60 प्रतिशत से अधिक खनिज संपदा होने के बावजूद झारखंड विकास के क्षेत्र में पीछे है झारखंड के नागरिक दिन दिन गरीब होते जा रहे है।
यह कहना है शिक्षाविद डा. हेमलता एस मोहन का। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास की बात करें तो विकास का एकमात्र कारण एक दल का बहुमत की सरकार होना है, बिल्कुल यही स्थित मध्यप्रदेश की है। मध्यप्रदेश ने स्थायी पूर्ण बहुमत की सरकार के कारण विकास के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई है। यदि हम झारखंड का विकास चाहते है तो हमें पूर्ण बहुमत की स्थाई सरकार बनानी होगी। भाजपा आजसू गठबंधन राज्य में पूर्ण बहुमत की स्थाई सरकार दे सकती है।
केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार है। राज्य में सरकार बनने पर बेहतर तालमेल समन्वय के साथ विकास का काम होगा। यहां इस बात का भी उल्लेख करना जरूरी है कि बोकारो झारखंड का प्रमुख शहर है, लेकिन शिक्षा विकास के क्षेत्र में काफी पीछे है। स्थापना के 50 वर्ष बाद भी बोकारो स्टील अपना उत्पादन क्षमता 10 मिलियन टन नहीं प्राप्त कर सका है। वहीं दूसरी ओर प्लस टू स्तर की अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा व्यवस्था होने के बावजूद उच्च तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था नहीं है।
( डॉ. हेमलता)