बोकारो। शुक्रवार को भोंपू का शोर थमने के बाद शनिवार को दिन भर प्रत्याशी डोर टू डोर के साथ बूथ मैनेजमेंट में लगे रहे। चुनाव कार्यालय सूना सूना रहा। नेता गली गली घूमकर बूथों का हाल जानने में लगे रहे। बूथ कमेटियों को मतदाता सूची के साथ खर्चा पानी की व्यवस्था देने और किस तरह अपने पक्ष में ज्यादा मतदान कराएं ये गुर सिखाते नजर आए। बोकारो के 28 प्रत्याशी और चंदनकियारी के 10 प्रत्याशी आज अपनी पूरी ताकत लगा दिए थे। देर रात तक बूथ मैनेजमेंट का कार्य चलता रहा। प्रत्याशियों ने बूथ मैनेज करने के लिए अंतिम दिन करोड़ों रुपये खर्च कर दिए। मतदान कराने के लिए प्रत्याशी हर बूथ पर हजार-दो हजार रुपये खर्च निर्वाचन आयोग के समक्ष पेश करेंगे। अब फैसला इलाके के मतदाता को करना है। रविवार को मतदान इन प्रत्याशियों की किस्मत पर मुहर लगाएंगे। खुलासा 23 दिसंबर को होगा कि मतदाताओं ने किसके सिर पर ताज रखा है।
हरबूथ पर तैनात रहेंगे प्रत्याशियों के कार्यकर्ता | प्रत्याशियोंने ऐसी तैयारी की है कि उनके कार्यकर्ता सभी बूथों पर तैनात रहेंगे। बूथ में तैनात कार्यकर्ता अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए मतदाताओं को प्रेरित करेंगे। इसकी तैयारी भी की गई है। लेकिन चुनाव आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि बूथ के 100 मीटर के अंदर कोई भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता कोई गतिविधि नहीं करेंगे। बूथ में प्रत्याशियों के एजेंट रहेंगे, वे सिर्फ ये देखेंगे कि बोगस वोट ना पड़े।
755 बूथ हैं दोनों विस क्षेत्र में : दोनों विधानसभा सीट में 755 बूथ हैं। सभी बूथों पर अपनी अपनी तैयारियां हैं। बूथ पर हर कोई एक दूसरे को पछाड़ने की रणनीति बनाने में लगे रहे। बोकारो विधानसभा क्षेत्र के 490 बूथों पर प्रत्याशियों की पैनी नजर है। इस सीट पर निर्दलीय समरेश सिंह, भाजपा के विरंची नारायण, कांग्रेस के मंजूर अंसारी, झाविमो के इजराइल अंसारी, जदयू के अशोक चौधरी, राजद के अवधेश यादव, झामुमो के मंटू यादव, बसपा के देवानंद राम, निर्दलीय राजेश महतो सहित 28 उम्मीदवार बूथ मैनेज करने में लगे रहे। वहीं चंदनकियारी सीट पर आजसू के उमाकांत रजक, झाविमो के अमर बाउरी, झामुमो के हारू रजवार, मासस के बामापद सहिस, कांग्रेस के आषाढ़ी बाउरी, बसपा के मोहन दास सहित 10 उम्मीदवार बूथ मैनेजमेंट में लगे रहे।
सुन ली नेताओं की, अब बारी मतदाताओं की : विधानसभा के चौथे चरण में बोकारो जिले के दो चंदनकियारी और बोकारो के अलावा गिरिडीह की डुमरी विस सीट में चुनाव होना है। डुमरी विस सीट में जिले के आंशिक क्षेत्र पड़ते हैं, जबकि चंदनकियारी और बोकारो विस क्षेत्र संपूर्ण है। चुनाव प्रचार के दौरान इन सीटों पर प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं को लुभाने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाए गए। भोंपू से मेलॉडी गाना और और चुनाव प्रचार के दौरान खुद को सबसे योग्य और कर्मठ बताकर सबने जनता के सामने अपनी दलील दी। भाजपा, झामुमो, कांग्रेस, झाविमो, आजसू और राजद के बड़े बड़े नेता मतदाताओं को रिझाने में लगे रहे जबकि निर्दलीय खुद ही स्टार प्रचारक बने रहे।
देर रात तक घूमते नजर आए प्रत्याशी | बूथ मैनेज के लिए अधिकतर उम्मीदवार देर रात तक क्षेत्र में घूमते नजर आए। जो उम्मीदवार रेस में शामिल हैं, वे रात भर घूमते रहे, कार्यकर्ताओं को सतर्क करते रहे, लेकिन कई उम्मीदवार जो खुद को रेस से बाहर मान चुके हैं, वे शाम होने के बाद अपने कुनबे में पहुंच गए।
चुनाव कार्यालय दिखा सूना-सूना, बूथों पर लगे रहे नेता कार्यकर्ता।
करोड़ों रुपए खर्च किए गए बूथ मैनेजमेंट के नाम पर।
- बोकारो में 28 प्रत्याशी और 490 बूथ
- चंदनकियारी विधानसभा में 10 प्रत्याशी और 265 बूथ
(बूथों की जानकारी लेते सांसद।)